नई दिल्ली: एफडी एक परंपरागत और भरोसेमंद निवेश का विकल्प है। एफडी गारंटिड रिटर्न पाने का बेहतरीन माध्यम ही नहीं, बल्कि दिमागी सुकून के हिसाब से भी महत्वपूर्ण है। निवेश विकल्पों में फिक्स्ड डिपोजिट काफी पॉपुलर रहा है। Best Investment : जानिए FD से कितना ज्यादा मिल रहा है फायदा ये भी पढ़ें
लेकिन एफडी के अलावा भी कुछ विकल्प हैं जो उससे कहीं ज्यादा रिटर्न आपको दे सकते हैं। इन्हीं में एक एक है कॉरपोरेट या कंपनी एफडी में निवेश। कॉर्पोरेट एफडी बहुत हद तक बैंक एफडी के समान है। बैंक में निवेश करने पर आपको 5 से 6% तक ब्याज मिलेगा। वहीं कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करने पर आप 8.50% तक ब्याज मिलेगा। तो अगर आप निवेश करने का सोच रहे तो आज ही करें निवेश ताकि नए साल में बेहतर रिर्टन मिल सके।
बता दें कि केरल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड में फिलहाल 12 महीने के लिए 8.50% ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप बजाज फाइनेंस में देखे तो 15 महीने के लिए 8.05% ब्याज मिलेगा। कंपनियां अपनी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाने का काम करती हैं। एक निश्चित अवधि के लिए निवेशक से कंपनियां पूंजी लेती हैं जिसे कॉरपोरेट एफडी कहा जाता है। कंपनियां निवेशक से एड के जरिए निवेश करने के लिए कहती हैं। वहीं निवेशक को लुभाने के लिए इस एफडी पर कंपनियां बैंक और अन्य फाइनेंस कंपनियों से ज्यादा ब्याज देती हैं। क्योंकि, इन कंपनियों के पास कंपनी कानून तहत के डिपॉजिट लेने का अधिकार होता है। कंपनियों के कॉरपोरेट एफडी पर ब्याज दर अधिक होता है इसलिए इसमें निवेश करना बेहतर होता है।
बैंक एफडी के लोक्रपिय होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि निवेश के लिए इसे सबसे सुरक्षित माना जाता है। रिजर्व बैंक के सख्त नियमों का बैंक एफडी में पालन किया जाता है। ऐसे में अगर बैंक दिवालिया हो जाता है तो इस स्थिति में भी एफडी की राशि चाहे जितनी हो, एक लाख रुपए तक की राशि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत सुरक्षित रहेगी। जबकि दूसरी तरफ कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट पर इस तरह की सुरक्षा नहीं होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका इन्वेस्टमेंट जोखिम भरा है। आप जब भी किसी कंपनी के कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करें तो पहले उस कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देख लें।
अगर आप जोखिम लेना चाहते हैं तो कॉरपोरेट एफडी का विकल्प चुनें। ज्यादा क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनी में ही निवेश करना करें। अगर AAA या AA रेटिंग वाली कंपनियां एफडी ऑफर कर रही हैं तो उनमें निवेश किया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात ये है कि कॉरपोरेट एफडी में निवेश करने से पहले उस कंपनी का 10-20 साल का रिकॉर्ड देख लें। उन्हीं कंपनियों के डिपॉजिट में निवेश करें जो मुनाफा कमा रही हैं। ऊंची ब्याज दर के साथ क्या जोखिम जुड़े हैं उस पर भी गौर कर लेना चाहिए।
यह ध्यान रखें कि बैंक और कॉर्पोरेट डिपॉजिट पर निवेशक आयकर की जिस स्लैब में आता है उसके मुताबिक टैक्स लगता है। आयकर कानून 1961 के तहत यदि बैंक एफडी पर एक साल में ब्याज 10,000 रुपए से अधिक बनता है तो स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) की जाती है। कॉर्पोरेट एफडी में इसकी सीमा 5,000 रुपए है।
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