नई दिल्ली: भारत में फिक्स डिपॉजिट एक काफी अधिक लोकप्रिय निवेश विकल्प रहा है। एफडी एक परंपरागत और भरोसेमंद निवेश का विकल्प है। एफडी गारंटिड रिटर्न पाने का बेहतरीन माध्यम ही नहीं, बल्कि दिमागी सुकून के हिसाब से भी महत्वपूर्ण है। निवेश विकल्पों में फिक्स्ड डिपोजिट काफी पॉपुलर रहा है। लेकिन एफडी के अलावा भी कुछ विकल्प हैं जो उससे कहीं ज्यादा रिटर्न आपको दे सकते हैं। इन्हीं में एक एक है कॉरपोरेट या कंपनी एफडी में निवेश। कॉर्पोरेट एफडी बहुत हद तक बैंक एफडी के समान है। बैंक में निवेश करने पर आपको 5 से 6% तक ब्याज मिलेगा। वहीं कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करने पर आपको 9 % तक ब्याज मिलेगा। तो अगर आप निवेश करने का सोच रहे तो आज ही करें निवेश ताकि आपको बेहतर रिर्टन मिल सके।
कॉरपोरेट एफडी में जोखिम बैंक एफडी की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि ये कंपनियों के कारोबार से जुड़ी होती है। हालांकि, अधिक रेटिंग वाली कॉरपोरेट एफडी में जोखिम कम रहता है और निवेशक की पूंजी की सुरक्षा बढ़ जाती है। यहां आमतौर मेच्योरिटी की अवधि 6 माह से 3 साल तक की होती है। कुछ कॉरपोरेट एफडी इससे भी लंबी अवधि के होते हैं। यह बिल्कुल उसी तरह से काम करती है, जैसे बैंक एफडी। इसके लिए फॉर्म कंपनी जारी करती है, जिसे आनलाइन भी भर सकते हैं। कॉरपोरेट एफडी में ब्याज दर बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा होती है। वहीं, बैंक एफडी बैंकों द्वारा जारी की जाती है। इसमें ब्याज दर औसत होती है। मेच्योरिटी की अवधि 7 दिन से 5 साल और 10 साल तक हो सकती है। इसमें कॉरपोरेट एफडी की तुलना में रिस्क लो होता है। इसमें डिफाल्ट या पैसा डूबने का खतरा ना के बराबर है।
- हॉकिन्स कुकर की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 9 फीसद है। यहां अवधि 12 से 36 महीने के बीच है।
- श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस में 8.09% ब्याज दर 12-60 महीने का टेन्योर
- एचडीएफसी की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 6.25 फीसद है। यहां अवधि 33 से 99 महीने के बीच है।
- पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 6.50 फीसद है। यहां अवधि 12 से 120 महीने के बीच है।
- आईसीआईसीआई होम फाइनेंस की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 6.25 फीसद है। यहां अवधि 12 से 120 महीने के बीच है।
- बजाज फाइनेंस की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 6.79 फीसद है। यहां अवधि 12 से 60 महीने के बीच है।
- श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस की एफडी पर मासिक आवृत्ति के लिए अधिकतम ब्याज दर 8.09 फीसद है। यहां अवधि 12 से 60 महीने के बीच है।
बैंक एफडी के लोक्रपिय होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि निवेश के लिए इसे सबसे सुरक्षित माना जाता है। रिजर्व बैंक के सख्त नियमों का बैंक एफडी में पालन किया जाता है। ऐसे में अगर बैंक दिवालिया हो जाता है तो इस स्थिति में भी एफडी की राशि चाहे जितनी हो, एक लाख रुपए तक की राशि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत सुरक्षित रहेगी। जबकि दूसरी तरफ कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट पर इस तरह की सुरक्षा नहीं होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका इन्वेस्टमेंट जोखिम भरा है। आप जब भी किसी कंपनी के कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करें तो पहले उस कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देख लें।
अगर आप जोखिम लेना चाहते हैं तो कॉरपोरेट एफडी का विकल्प चुनें। ज्यादा क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनी में ही निवेश करना करें। अगर AAA या AA रेटिंग वाली कंपनियां एफडी ऑफर कर रही हैं तो उनमें निवेश किया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात ये है कि कॉरपोरेट एफडी में निवेश करने से पहले उस कंपनी का 10-20 साल का रिकॉर्ड देख लें। उन्हीं कंपनियों के डिपॉजिट में निवेश करें जो मुनाफा कमा रही हैं। ऊंची ब्याज दर के साथ क्या जोखिम जुड़े हैं उस पर भी गौर कर लेना चाहिए।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान