नई दिल्ली: वर्तमान समय में हर कोई इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदता है या खरीदना चाहता है। आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लोग तरह-तरह के प्लान लेते हैं। वैसे देखा जाए तो हर किसी की प्राथमिकताएं अलग-अलग होती है। इसी वजह से इंश्योरेंस कंपनियां यह प्रयास करती है कि हर किसी की जरूरत के हिसाब से पॉलिसी लॉन्च करें। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा निगम कंपनी एलआईसी अलग अलग प्लान के साथ आती है। ऐसे में इस बार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) महिलाओं के लिए आधारशिला प्लान लेकर आई है।
एलआईसी विभिन्न वर्ग के लोगों की जरूरतों के हिसाब से समय-समय पर इंश्योरेंस पॉलिसी पेश करता है। एलआईसी की आधार शिला योजना एक ऐसी ही योजना है, जिसे कंपनी खासकर महिलाओं के लिए लेकर आई है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह योजना ऐसी महिलाओं के लिए है, जिनके पास आधार कार्ड है। एलआईसी की एक गारंटीड रिटर्न एंडोमेंट स्कीम है और यह मार्केट से जुड़ी स्कीम नहीं है। यह जीवन बीमा योजना लाभ के साथ की स्कीम है यानी इसमें आपको बोनस की सुविधा का लाभ दिया जाता है। आधारशिला योजना आपको एक ही समय पर सुरक्षा के साथ बचत भी प्रदान करती है।
- इस योजना में निवेश के लिए न्यूनतम आयुसीमा आठ वर्ष है। अधिकतम 55 साल की महिला इस पॉलिसी को ले सकती है। वहीं, मेच्योरिटी के समय पॉलिसीहोल्डर की उम्र 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। पॉलिसी का टर्म 10 से 20 वर्ष होता है।
- एलआईसी ने इस प्लान को एक फरवरी, 2020 को लांच किया था।
- यह पॉलिसी सेविंग के साथ-साथ लाइफ कवर भी उपलब्ध कराती है।
- इस पॉलिसी के मेच्योर होने पर पॉलिसी होल्डर को एकमुश्त राशि मिल जाती है।
- हालांकि, पॉलिसी होल्डर की मौत होने पर परिवार को सहायता राशि मिलती है।
अगर पालिसी धारक की मृत्यु पालिसी प्रारंभ होने के पहले 5 वर्ष में होती है, तो उसे मृत्यु पर मिलनेवाले लाभ का भुगतान किया जाता है। अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु, पॉलिसी शुरू होने के 5 वर्ष बाद लेकिन मैच्यूरिटी (परिपक्वता) से पहले होती है, तो उसके नॉमिनी को मृत्यु पर मिलनेवाला बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है। यहां पर मृत्यु पर मिलनेवाले बीमित रकम का अर्थ वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा या मूल बीमित रकम का 110 फीसदी है। मृत्यु तक भरे हुए कुल प्रीमियम के 105 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए। अगर पॉलिसीधारक पूरे पॉलिसी अवधि तक जीवित रहती है और उसने अपने सारे बकाया प्रीमियम का भुगतान किया है, तो उसे मैच्यूरिटी (परिपक्ववता) पर मिलनेवाले बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिसन्स (अगर कुछ है तो) का भी भुगतान किया जाता है। यहां पर मैचुरिटी पर मिलनेवाला बीमित रकम का अर्थ मूल बीमित रकम होता है।
ऐसी पॉलिसी जो बंद हो गई है और पेडअप पर चल रही है, उसको फिर से रिवाइव (पुनर्जीवित) किया जा सकता है। लेकिन, इसे आखिरी भरे हुए प्रीमियम से दो साल के भीतर ही रिवाइव किया जा सकता है। इसके लिए बकाया प्रीमियम के साथ उस पर लगे हुए ब्याज का भी भुगतान करना होता है। नियमित रूप से तय तारीख पर प्रीमियम का भुगतान आवश्यक है। अगर किसी कारणवश तय तारीख पर आप प्रीमियम का भुगतान नहीं कर सके, तो एलआईसी द्वारा आपको प्रीमियम के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है। यह समय 30 दिन और 15 दिन का होता है। 30 दिन का अतिरिक्त समय उनको दिया जाता है जो वार्षिक, छमाही या तिमाही तौर पर प्रीमियम का भुगतान करते हैं।
1. इस प्लान में ऑटो कवर फसिलटी है।
2. इसका प्रीमियम काफी कम है जिसे घरेलू महिला को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
3. इस प्लान में लॉयल्टी एडीशन की सुविधा है। इसके तहत पॉलिसी होल्डर की मौत पांच साल बाद होती है तो उसे लॉयल्टी का लाभ अलग से मिलेगा।
4. गंभीर बीमारी इस प्लान में शामिल नहीं होता है।
5. तीन साल पर लोन की सुविधा उपलब्ध है।
6. ऐक्सिडेंटल राइडर और परमानेंट डिस-ऐबिलिटी राइडर की सुविधा उपलब्ध है।
7. प्रीमियम की राशि पर टैक्स में छूट मिलती है। 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट्स उठाया जा सकता है।
8. पॉलिसी मैच्योर होने पर यह टैक्स फ्री होता है।
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