नई द‍िल्‍ली: सोने-चांदी में शानदार बढ़त देखने को मिली। सोने में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। सोना निवेश के लिहाज से भी काफी अच्छा मुनाफा देता रहा है। सोना आज भारत के लोगों का सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। सोने में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। Gold Silver Rate : सोना जबरदस्‍त लुढ़की, चांदी में 3303 रु की भारी गि‍रावट

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गोल्‍ड फंडों का औसत रिटर्न 26.84 फीसदी
इसके चलते इनमें निवेश करने वाली म्‍यूचुअल फंड स्‍कीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। पिछले एक साल में गोल्‍ड फंडों का औसत रिटर्न 26.84 फीसदी रहा है। मार्च तिमाही में 11 फीसदी रिटर्न के साथ गोल्‍ड फंड रिटर्न चार्ट में टॉप पर थे।

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अभी भी 2011 के उच्‍चतम स्‍तर तक यह अब भी नहीं पहुंचा सोना

पिछले दो साल के दौरान कई कारणों से सोने की कीमतों में तेजी रही है। हालांकि, 2011 के उच्‍चतम स्‍तर तक यह अब भी नहीं पहुंचा है। आगे चलकर सोने में तेजी कुछ खास चीजों पर निर्भर करेगी। इनमें ये चीजें शामिल हैं, कोविड का दोबारा उभरना, दुनिया की आर्थिक स्थिति, अमेरिकी डॉलर की कीमत, अमेरिका-चीन के संबंध, महंगाई/ब्‍याज दर, करेंसी की प्रिंटिंग, अन्‍य तात्‍कालिक कारण है। मौजूदा हालातों की बात करें तो महामारी का टीकाकरण शुरू हो गया है। लेकिन, वायरस के नए किस्‍म के आने से सोने की कीमतें चढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर किसी भी तरह की महामारी से दुनिया की अर्थव्‍यस्‍था पर खराब असर होगा। यह सही है कि निकट भविष्‍य में इसकी आशंका कम है. लेकिन, कोई यकीन के साथ इस बारे में नहीं कह सकता है।

सोने की कीमतें चढ़ने की उम्‍मीद

अमेरिकी डॉलर सोने के भाव कम करने में अहम किरदार निभाता है। उभरते बाजारों में डॉलर का फ्लो बढ़ने से अमेरिकी मुद्रा की कीमतें छोटी अवधि में घट सकती हैं। इससे सोने की कीमतों को बल मिलेगा। इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। डॉलर की कमजोरी सोने को ऊपर चढ़ाएगी। महामारी से पहले ही अमेरिका-चीन के संबंध सोने की चाल तय कर रहे थे। यह सोने की तेजी में एक अहम कारण था। हालांकि, नए अमेरिकी राष्‍ट्रपति के नेतृत्‍व में चीन के साथ टेंशन कम हो सकती है। इस स्थिति में भी सोने की कीमतें चढ़ने की उम्‍मीद है।

2021 में भी सोने की कीमतें मजबूत होने के आसार

मौजूदा हालात में महंगाई बढ़ने के पूरे आसार हैं। लिहाजा, सोने के भाव भी बढ़ेंगे। सोने का खनन और विभिन्‍न सरकारों के गोल्‍ड रिजर्व जैसे दूसरे कारणों से भी पीली धातु की कीमतों पर असर पड़ता है। मौजूदा स्थितियों में नहीं लगता कि देश अपने गोल्‍ड रिजर्व बेचेंगे। उलटा कई देशों ने अपनी गोल्‍ड होल्डिंग बढ़ाई है। ये फैक्‍टर सोने के पक्ष में जाते हैं। ऐसे में हम ये कह सकते है कि 2021 में भी सोने की कीमतें मजबूत होने के आसार हैं। इसलिए निवेशक इसमें जरूरत के अनुसार अपने एलोकेशन का 5-10 फीसदी के बीच लगा सकते हैं। यहां हम तीन ऐसे विकल्‍पों के बारे में बता रहे हैं जिन्‍हें सोने में निवेश के लिए चुनना चाहिए, सरकार की ओर से जारी सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड, गोल्‍ड फंड, गोल्‍ड ईटीएफ।