नई दिल्ली: अगर आप भी अपना रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरुरी है। आईटीआर भरने से पहले इन 5 डॉक्युमेंट का कर लें इंतजाम जरुर कर लें। इससे आपको रिटर्न भरने में सहूलियत होगी और गलती की संभावना भी नहीं रहेगा। ITR भरने और पैन-आधार लिंकिंग की तारीख बढ़ी, जानें नई तिथि ये भी पढ़ें
इसके अलावा अगर आपके पास जरूरी डॉक्युमेंट नहीं होंगे तो आपका आईटीआर अटक सकता है। इसलिए आईटीआर फाइल करने से पहले आपके लिए ये जानना जरूरी है कि आपको कौन से डॉक्युमेंट की जरूरत होगी। तो चलिए आज हम आपको ऐसे 5 डॉक्युमेंट के बारे में बताएंगे, जिसके बिना इनकम टैक्स भरना मुमकिन नहीं है।
फॉर्म-16
अगर आप सैलरीड क्लास से हैं तो आईटीआर फाइल करने के लिए यह एक बेहद अहम डॉक्युमेंट है। फॉर्म 16 एक सर्टिफिकेट है, जिसमें कर्मचारी की सैलरी से काटे गए टीडीएस (टीडीएस) की जानकारी होती है। इससे यह भी पता चलता है कि संस्थान ने टीडीएस काटकर सरकार को जमा कर दिया है।
आधार कार्ड
आयकर रिटर्न को फाइल करने के लिए आपको आधार की जानकारी देना जरूरी है। आयकर अधिनियम की धारा 139एए के मुताबिक, अपनी आय के रिटर्न को फाइल करते समय अपना आधार की डिटेल्स जरूरी है। तो आपना आधार भी निकाल कर रख लें।
ब्याज से आय का प्रमाणपत्र
इस साल रिटर्न फॉर्म में टैक्सपेयर्स को अपनी ब्याज से होने वाली इनकम के बारे में भी जानकारी देनी होगी। जैसे उन्हें बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट या किसी अन्य सोर्स से होने वाली ब्याज से आय की जानकारी देनी है। धारा 80टीटीए के तहत 10 हजार रुपए तक की ब्याज आय पर छूट का फायदा लिया जा सकता है।
इनकम टैक्स छूट
फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के दौरान धारा 80सी, 80सीसीसी और 80सीसीडी (1) के तहत किए गए सभी निवेश और खर्च से आप टैक्स में छूट का फायदा ले सकते हैं। इनके तहत अधिकतम डेढ़ लाख रुपए की छूट मिल सकती है।
बैंक खाता का डिटेल्स जमा करें
आईटीआर फाइल करते समय आपको अपने तमाम बैंक खातों के बारे में जानकारी देनी होगी। रिटर्न फाइल करते समय आपको बैंक का नाम, खाता संख्या, खाते का प्रकार और आईएफएससी कोड देना होगा।
- सभी डेटा सीधे ऑनलाइन ई-फाइलिंग पोर्टल पर भरकर सबमिशन
- www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
- यूजर आईडी (पैन), पासवर्ड, जन्मतिथि और कैप्चा कोड एंटर कर लॉग इन करें।
- ‘e-File' टैब पर जाएं और इनकम टैक्स रिटर्न लिंक पर क्लिक करें।
- उपयुक्त आईटीआर फॉर्म, आकलन वर्ष, फाइलिंग टाइप जैसे ओरिजिनल/रिवाइज्ड रिटर्न और सबमिशन मोड में प्रिपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन चुनें।
- कंटीन्यू बटन पर क्लिक करें। सभी दिशानिर्देशों को ध्यान से पढ़ने के बाद आईटीआर फॉर्म में ऑनलाइन सभी जानकारियों को भरें।
- सेशन टाइम आउट के कारण भरी गई आईटीआर डिटेल्स का लॉस न हो जाए, इसके लिए बीच-बीच में सेव ड्राफ्ट बटन पर क्लिक करते रहें।
- टैक्स पेड एंड वेरिफिकेशन टैब में उपयुक्त वेरिफिकेशन विकल्प चुनें, इनमें आईटीआर ई-वेरिफाई करना, फाइलिंग के 120 दिनों के अंदर ई-वेरिफाई करना, पोस्ट के जरिए आईटीआर-वी भेजकर वेरिफिकेशन शामिल हैं। अपनी इच्छानुसार वेरिफिकेशन करने या न करने के बाद प्रिव्यू एंड सबमिट बटन पर क्लिक करें। अंत में आप आईटीआर सबमिट करें।
आपको इस बात से भी अवगत करा दें कि इलेक्ट्रॉनिक मोड से बिना डिजिटल सिग्नेचर यानी बिना ई-वेरिफिकेशन आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने वाले करदाता को इसे आईटीआरअपलोडिंग के 120 दिनों के अंदर वेरिफाई करना होता है। इसके लिए 4 तरीके हैं
1. आधार ओटीपी के जरिए
2. नेट बैंकिंग के जरिए ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉग इन कर
3. इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी) के जरिए
4. आईटीआर-वी की ड्युली साइन्ड फिजिकल कॉपी पोस्ट के माध्यम से बेंगलुरू भेजकर
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