नई दिल्ली: आधार कार्ड मौजूदा समय में जीवन में काफी अहम हो गया है। पैन कार्ड, बैंक खातों, मोबाइल नंबर से आधार जोड़ना अनिवार्य है। अब तो स्कूल में दाखिले के दौरान बच्चों का भी आधार मांगा जा रहा है। बच्चे का आधार नहीं होने पर स्कूल एक निश्चित समय के अंदर आधार बनवाने को कह रहे हैं। इसलिए बच्चे का आधार कार्ड जल्द बनवाने में ही समझदारी है। Free में बनवाएं बच्चों का आधार कार्ड, जानिए क्या है तरीका ये भी पढ़ें
तो अगर आपने अभी तक अपने बच्चों का आधार नहीं बनवाया है तो जितनी जल्द हो सके आपको बनवा लेना चाहिए। इससे आपके भविष्य में आपके बच्चे के लिए कई चीजें आसान हो जाएंगी। आपको बता दें कि बच्चों के साथ ही साथ नवजात शिशु का भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। यूआईडीएआई बच्चों का नीले रंग का आधार कार्ड जारी करता है। इसे बाल आधार कार्ड भी कहते हैं। बाल आधार मां या पिता में से किसी एक के आधार से लिंक होता है। बाल आधार में मां-बाप अपना मोबाइल नंबर लिंक करा सकते हैं।
- आपके जानकारी के लिए बता दें कि अगर 5 साल से कम उम्र के बच्चे का बाल आधार कार्ड बनवाना है तो साथ में ये डॉक्युमेंट आधार इनरॉलमेंट सेंटर लेकर जाएं।
- बच्चे के साथ माता-पिता या अभिभावक का संबंध दर्शाने वाला डॉक्युमेंट जैसे- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र यानी बर्थ सर्टिफिकेट या हॉस्पिटल द्वारा जारी डिस्चार्ज कार्ड/पर्ची। माता या पिता में से किसी एक/अभिभावक का आधार। याद रहे इन दोनों डॉक्युमेंट की ओरिजिनल कॉपी भी साथ लेकर जाएं।
- आधार के इनरोलमेंट के लिए आपको आधार सेवा केंद्र पर जाकर एनरोलमेंट फॉर्म भरना होगा। बच्चे का वैलिड एड्रेस प्रुफ नहीं हो तो बच्चे के माता-पिता का आधार नंबर भरना होगा। सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ आपको ये फॉर्म जमा करना होगा।
- फॉर्म को जमा करने के बाद बच्चे का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड रिकॉर्ड किया जाएगा। सके तहत हाथ की अंगुलियों की फिंगरप्रिंट, आंखों की तस्वीर लिया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने पर एक एनरोलमेंट स्लिप जेनरेट कर आपको दी जाएगी।
- इस एनरोलमेंट स्लिप पर एनरोलमेंट आईडी, नंबर और तारीख दी जाएगी। इस एनरोलमेंट आईडी की मदद से आप आधार स्टेटस के बारे में पता कर सकते हैं।
- आधार एनरोलमेंट के 90 दिनों के अंदर आधार को आवेदनकर्ता के घर पर पोस्ट कर दिया जाता है।
अगर बच्चे के नाम पर कोई डॉक्युमेंट नहीं है तो मां-बाप के साथ उसका संबंध दर्शाने वाला डॉक्युमेंट जैसे बर्थ सर्टिफिकेट लगेगा। अगर बच्चे के नाम पर कोई डॉक्युमेंट है तो स्कूल आईडी जैसे कोई वैलिड आईडी व एड्रेस प्रूफ देना होगा। वैलिड प्रूव्स की लिस्ट यहां मौजूद है। https://uidai.gov.in/images/commdoc/valid_documents_list.pdf
मां-बाप में से किसी एक का आधार भी साथ ले जाएं।
5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक्स यानी अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतली विकसित नहीं होते हैं। इसलिए इतने छोटे बच्चों के आधार इनरॉलमेंट के वक्त उनके बायोमेट्रिक डिटेल्स नहीं लिए जाते हैं, केवल फोटो ली जाती है। बच्चे के 5 साल का होने के बाद उसकी बायोमेट्रिक्स डिटेल्स ली जाती हैं। उसके बाद बच्चे के बड़ा होने पर उसके बायोमेट्रिक्स में बदलाव आता है। लिहाजा बच्चे के 15 साल का होने पर ये डिटेल्स अपडेट कराना जरूरी है ताकि बच्चा बड़ा होने के बाद अपने आधार को आसानी से इस्तेमाल कर सके। बता दें कि बच्चों की बायोमेट्रिक्स का अपडेशन फ्री है। इसके लिए कोई डॉक्युमेंट नहीं चाहिए होता है। केवल बच्चे को उसके आधार कार्ड के साथ निकटतम आधार केन्द्र ले जाना होता है।
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