नई दिल्ली, अप्रैल 26। बचत को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा कई लघु बचत योजनाओं को चलाया जा रहा है। सुरक्षित बचत योजनाओं में आम आदमी के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) जैसी स्कीमें महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और निवेशक को टैक्स का लाभ भी मिलता है। 250 रुपए महीने से संवर जाएगा बेटी का भविष्य, जानिए कैसे
इन योजनाओं में वार्षिक, तिमाही या हर महीने के हिसाब से योगदान करने की सुविधा है। यह इसलिए अच्छा है क्योंकि हरेक के लिए एकमुश्त भुगतान करना संभव नहीं होता है। भाग-दौड़ की जिंदगी में कई बार व्यस्त शेड्यूल की वजह से इस स्कीम में बचत की डेडलाइन मिस हो जाती है। एक तय समय के बाद इन अकाउंट में योगदान नहीं करने पर ये इनएक्टिव हो जाते हैं। चलिए अपनी खबर के जरिए आपको बताते है कि इन अकांउट को कैसे दोबार एक्टिवेट कर सकते हैं।
- सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 250 रुपये का योगदान करना अनिवार्य है। अगर किसी वित्तीय वर्ष इस अकाउंट में न्यूनतम योगदान नहीं होता है तो सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट इनएक्टिव हो जाएगा।
- बंद पड़े पुराने सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट को 15 साल के लॉक-इन पीरियड से पहले कभी भी रिएक्टिवेट कराया जा सकता है।
- सुकन्या समृद्धि योजना को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए न्यूनतम 250 रुपये और हर साल के हिसाब से 50 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी।
- सुकन्या समृद्धि योजना पर सालाना 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए इस यह अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस अकाउंट की मैच्योरिटी 21 साल तक या बेटी के 18 साल के बाद शादी तक के लिए होता है।
- एक फिस्कल ईयर में के दौरान पीपीएफ आकउंट में कम से कम 500 रुपये का योगदान करना जरूरी है। इसकी अंतिम तारीख हर वित्तीय वर्ष की 31 मार्च को होता है।
- अगर 31 मार्च तक पीपीएफ अकाउंट में कम से कम 500 रुपये का योगदान नहीं होता है कि अकांउट इनएक्टिव हो जाता है।
- जब तक यह अकाउंट दोबारा एक्टिव नहीं होता है, तब तक इससे विड्रॉल नहीं किया जा सकता है।
- इस अकाउंट को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए उस साल के लिए 500 रुपये और 50 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी।
- पीपीएफ पर सालाना 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. मैच्योरिटी पर मिलने वाला रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।
- नेशनल पेंशन स्कीम को सब्सक्राइब करने के लिए हर किसी सालाना एक न्यूनतम रकम का योगदान करना होता है। फिलहाल एनपीएस के टियर-1 अकाउंट में कम से कम 1,000 रुपये का योगदान करना अनिवार्य है।
- अगर किसी एक वित्तीय वर्ष में इस अकाउंट में योगदान नहीं किया जाता है तो एनपीएस अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है।
- एनपीएस अकाउंट दोबारा एक्टिवेट करने के लिए आपको हर साल के हिसाब से 100 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी। इसके अलावा हर साल के लिए मिनिमम योगदान भी देना होगा।
- एनपीएस अकाउंट को दोबार एक्टिवेट करने के लिए प्वॉइंट-ऑफ-प्रेजेंस चार्ज भी देना होगा।
- टियर-2 के लिए न्यूनतम योगदान की कोई बाध्यता नहीं है। लेकिन, टियर-1 अकाउंट फ्रीज हो जाता है तो टियर-2 भी अपने आप ही फ्रीज हो जाएगा।
- एनपीएस एक वॉलेंटरी पेंशन फंड है, जिसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया रेगुलेट करती है। कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 6,000 रुपये के योगदान के साथ इसकी शुरुआत कर सकता है।
- एनपीएस एक तरह का एन्युटी प्लान जिसपर सालाना कम्पाउंड ब्याज मिल रहा है। सामान्य तौर पर यह इसपर 9 से 11 फीसदी तक का ब्याज मिलता है।
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