नई दिल्ली, फरवरी 14। नए रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन आपको समझ नहीं आ रहा कि आपको क्या करना चाहिए तो यह खबर आपके लिए है। महामारी के इस दौर में अगर आप कोई बिजनेस शुरू करन चाहते हैं तो हम आपको एक ऐसे ही बिजनस आइडिया के बारे में बताएंगे, जिसमें आपको सिर्फ 2 लाख रुपये लगाने हैं और उसके बाद हर महीने 1 लाख रुपये की कमाई होगी। ये बिजनस है फ्लाई ऐश ब्रिक्स का, जो तगड़ा मुनाफा देगा। जी हां ईट या ब्रिक बनाने का व्यवसाय आज के समय में किसी भी व्यवसाय की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है। यदि आप छोटे स्तर पर कोई व्यापार स्टार्ट करना चाहते है तो यह व्यवसाय आपके लिए सही होगा। इस व्यवसाय को आप कम लागत में तथा सीमित जगह से स्टार्ट कर सकतें है।
ईट या ब्रिक बनाने का व्यवसाय आज के समय में किसी भी व्यवसाय की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है। यदि आप छोटे स्तर पर कोई व्यापार स्टार्ट करना चाहते है तो यह व्यवसाय आपके लिए सही होगा। इस व्यवसाय को आप कम लागत में तथा सीमित जगह से स्टार्ट कर सकतें है। पहले हमारे यहां केवल मिट्टी से बनी ईटें प्रचलन में थी, परंतु आज बढ़ते समय के साथ सीमेंट की ईटें प्रचलन में आई और अब इसका उपयोग भी बढ़ गया है। फ्लाई एश ब्रिक को आम तौर पर सीमेंट की ईंट भी कहा जाता है। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार भी मुद्रा योजना के तहत आपकी मदद भी हो जाएगी। आजकल घर और बिल्डिंग बनाने के लिए लाल ईंट की जगह थर्मल पावर प्लांट की कोयले की राख से बनी ईंटें इस्तेमाल की जाने लगी हैं। इन ईंटों का चलन छोटे कस्बों और गांव में भी शुरू हो गया है।
अगर आप इस बिजनेस में रुचि रखते है तो बता दें कि इसके लिए 100 गज जमीन और कम से कम 2 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इस पर आप हर महीने एक लाख रुपये तक की कमाई आसानी से कर सकते हैं। इस बिजनेस के लिए निवेश का ज्यादातर हिस्सा मशीनरी में लगेगा। इस मशीन के जरिए ईंट बनाने के लिए कम से कम 5-6 लोगों की जरूरत पड़ती है। इससे हर दिन करीब 3,000 ईंट बनाए जा सकते हैं।
इस निवेश में कच्चे माल की लागत शामिल नहीं की गई है। अगर आप ऑटोमेटिक मशीनों का इस्तेमाल करते हैं तो लागत थोड़ा बढ़ जाएगी। लेकिन इससे कमाई के मौके भी बढेंगे। मशीन की कीमत 10 से 12 लाख रुपये होती है। इसमें कच्चे माल के मिलावट से लेकर ईंट बनाने तक लेकर सभी कुछ इसमें शामिल है। इन मशीने के जरिए 1 घंटे में 1 हजार ईंटें बनाई जा सकती हैं। यानी इस मशीन से आप महीने में 3 से 4 लाख ईंटें बना सकते हैं।
राख से बनने वाली ईंटों में 55 फीसदी फ्लाई एश, 35 फीसदी रेत और 10 फीसदी सीमेंट की जरूरत होती है। इसके अलावा आप चाहें तो इसे बनाने के लिए 65% फ्लाई एश, 20% रेत, 10% चूना और 5% जिप्सम के मिक्चर से भी ईंट बना सकते हैं। दरअसल, मिट्टी से बनने वाली ईंटों के मुकाबले फ्लाई एश से बनी ईंटें काफी किफायती होती हैं। फ्लाई एश की ईंट से मकान बनाने में सीमेंट का खर्च 20 से 30 फीसदी तक कम हो जाता है। इसके अलावा फिनिशिंग दीवार के दोनों तरफ आती है और इससे प्लास्टर में भी सीमेंट की बचत होती है। वहीं, इस ईंट में सूखी राख होने के कारण मकान में नमी भी नहीं आती है, जिससे इसकी उम्र और मजबूती बढ़ जाती है।
उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश जैसे राज्यों में मिट्टी की कमी के कारण ईंटो का उत्पादन नहीं होता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से ईंटें मंगवाई जाती हैं, जिस पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में इन जगहों पर सीमेंट और स्टोनडस्ट से बनने वाले यह ईंटों का कारोबार फायदेमंद हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में स्टोनडस्ट आसानी से मिलने की वजह से कच्चे माल की लागत भी कम होगी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान