नई दिल्ली, जुलाई 14। पिछले कुछ सालों में भारत आयात सोर्सिंग के लिए एक लोकप्रिय देश बन गया है। भारत निर्यातक देशों की सूची में दुनिया के शीर्ष बीस देशों में हैं। कॉफी, चाय, मसालों और कुछ आभूषणों की बात करे तो भारत विश्व का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। भारत की अर्थव्यवस्था में उदारीकरण काफी बढ़ गया है, जिसके कारण भारतीय प्रोडक्ट को दूसरे देश में भेजना आसान हो गया है। चलिए आज हम आपको भारत से निर्यात करने की आवश्यक व्यवस्थाएं और आवश्यक दस्तावेज के डिटेल्स बताते हैं।
स्टेप 1- निर्यात का व्यवसाय शुरू करने के लिए आपके पास एक वैलिड बिजनेस का संचालन होना चाहिए। आपका या आपके बिजनेस फर्म का भारत में किसी भी अधिकृत बैंक में बैंक खाता होना चाहिए, अगर नहीं है तो खाता खोलना पड़ेगा। निर्यात शुरू करने से पहले विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने के लिए अधिकृत बैंक के साथ चालू खाता खोलना आवश्यक है। एक निर्यात व्यवसाय शुरू करने के लिए आपके पास कंपनी का एक आकर्षक नाम और लोगो होना चाहिए। सरकार के अनुसार आपकी कंपनी रजिस्टर्ड होनी चाहिए।
स्टेप 2: बिजनेस शुरु करने से पहले आपके पास पैन कार्ड जरुर होना चाहिए, बिना पैन के लेन-देन मान्य नहीं हो पाएगा।
स्टेप 3: विदेश व्यापार नीति के अनुसार आपको एक आईईसी (आयातक-निर्यातक कोड) संख्या सरकार से लेना होगा। भारत से निर्यात/आयात के लिए आईईसी का होना अनिवार्य है। आईईसी के लिए आवेदन ऑनलाइन भरा जा सकता है। डीएफजीटी विभाग में आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं।
स्टेप 4: पंजीकरण और सदस्यता प्रमाणपत्र (आरसीएमसी) - निर्यात के लिए प्राधिकरण प्राप्त करने के लिए निर्यातकों को निर्यात संवर्धन परिषद से आरसीएमसी प्राप्त करना होगा।
स्टेप 5: मूल्य निर्धारण और मॉडलिंग - विदेशी खरीदारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नमूने उपलब्ध कराना निर्यात आदेशों के अधिग्रहण में सहायता करता है। एफटीपी 2015-2020 के तहत वास्तविक व्यापार के निर्यात और स्वतंत्र रूप से निर्यात योग्य वस्तुओं के तकनीकी प्रतिनिधियों को बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति है।
खरीदार/देश की ओर से भौगोलिक बाधाओं और दिवाला मुद्दों के कारण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भुगतान जोखिम बना रहता है। इन जोखिमों को कम करने के लिए, कुछ विकल्प हैं। सबसे ठोस विकल्प है कि आपको एक निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड नीति (ईसीजीसी) ले लेना चाहिए। ऐसे में जब कोई खरीदार पहले भुगतान किए बिना या क्रेडिट लेटर खोले बिना ऑर्डर देता है बेचने वाले को खतरा कम होता है।
- सबसे पहले जब आपको सरकार से सामान बाहर भेजने की पुष्टि मिल गई है तो आप यह सुनिश्चित करें कि ऑर्डर की आवश्यकताओं को ध्यान से नोट कर लिया जाए।
- खरिदार का एड्रेस और डिटेल्स नोट कर ले, आप खरीदार के साथ कोई करार भी कर सकते हैं।
- इसके बाद लेबलिंग, पैकेजिंग, पैकिंग और मार्किंग कर लें।
- अपने निर्यात माल की सुरक्षा के लिए आपको एक समुद्री बीमा पॉलिसी खरीदनी होगी।
- डिलिवरी समय पर सुनिश्चित करें
- शिपिंग कंपनी से स्लॉट बुक कर लें
- शिपमेंट के लिए पोत पर आवश्यक स्थान आरक्षित करने के लिए, निर्यातक को शिपिंग कंपनी से पहले ही संपर्क करना चाहिए।
- सभी जरूरी कागजातों को इकट्ठा करना
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