नई दिल्ली, जून 21। वैश्विक बाजार में लगातार गिरावट के बीच पिछले कुछ दिनों में कुछ बड़े और छोटे स्टार्टअप ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है। पिछले दो से भी अधिक वर्षों से कोरोना महामारी के कारण विश्व की अर्थव्यवस्था लगभग टूट सी गई थी। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद जब अर्थव्यवस्था ने फिर से रफ्तार पकड़ी तो 'रूस- यूक्रेन' युद्ध ने इसकी रफ्तार धीमी कर दी। दोनों देशों में छिड़े युद्ध के बाद से ही वैश्विक बाजार में उतार- चढाव जारी है। अगर अर्थव्यवस्था के जानकारों की मानें तो विश्व बाजार की स्थिति के अनुसार दुनिया बहुत ही जल्द एक और मंदी की ओर बढ़ सकती है। मंदी का सबसे बुरा असर यह होगा की हम बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरियां खोते देखेंगे।
यदि आप मंदी के से प्रभावित होते हैं तो दो संभावनाएं हैं। पहला वेतन में कटौती की जा सकती है और दूसरा अस्थायी रूप से अपनी नौकरी खो सकते हैं। मंदी के संभावनाओं के बीच हम कुछ उपायों से अपने वेतन में कटौती की आशंका को कम कर सकते है।
मल्टी टास्किंग स्किल डेवलप करें
मंदी में कंपनियों के पास फंड की भारी कमी हो जाती है। ऐसे में कंपनी उन कर्मचारियों को रखना पसंद करती हैं जो समान वेतन में कई सारे काम कर सके । आर्थिक मंदी से पहले अपने जॉब से संबंध रखने वाले अन्य कार्यों को सीखना एक प्रभावी कदम हो सकता है।
आय में कमी न आए इसके लिए आप नौकरी के अतिरिक्त पार्ट टाइम या फ्रीलांस जॉब के लिए भी समय दे सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ अधिक घंटे काम करना पड़ेगा। कोई भी फ्रीलांस काम आप अपने स्किल्स से संबंधित ही करें, इससे काम मिलते रहने की अधिक संभावना ज्यादा रहेगी।
आर्थिक मंदी में रहता है नौकरी जाने का खतरा
आर्थिक मंदी के समय एक निश्चित समय अवधि के लिए नौकरी जाने का भी खतरा ज्यादा रहता है । ऐसे में हम सब को आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के लिए तैयारी करके रखना चाहिए।
सबसे पहले, अपने पूरे परिवार यानी पत्नी, बच्चों के साथ-साथ माता-पिता के लिए अलग- अलग स्वास्थ्य बीमा कवर जरूर करवा लें। आप अपने आप के लिए भी तुरंत एक स्वास्थ्य बीमा जरूर खरीद लें , क्योंकि, यदि आप अपनी नौकरी खो देते हैं, तो कॉर्पोरेट स्वास्थ्य बीमा कवर मान्य नहीं होगा। यदि आपके वेतन में कटौती होती है या आप अपनी जॉब खो देते हैं तो स्वास्थ्य बीमा कवरेज नहीं होने पर आपको आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।
कुछ पैसा नकदी के रूप में जरूर रखें
दूसरा, कम से कम 6 महीने तक जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए एक इमरजेंसी फंड जरूर होना चाहिए। आप अपना जरूरी खर्च का अनुमान इस तरीके से लगा सकते हैं।
मान लीजिए हर माह आप भोजन , किराने का सामान, बच्चों की फीस, ईंधन, इंटरनेट और अन्य उपयोगी वस्तुओं पर 30000 रुपये महीने खर्च करते हैं। इसके अतिरिक्त अगर आप 20 हजार रुपए हर माह घर और गाड़ी की लोन की किस्त भरते हैं, तो आपका 6 महीने का इमरजेंसी फंड होगा करीब 3 लाख रुपये।
इमरजेंसी फंड को कहां रखना चाहिए या निवेश करना चाहिए
जानकार बताते हैं कि इमर्जेंसी फंड का एक तिहाई हिस्से को बचत खाते में रखना सही विकल्प हैं। बचत खाता में रखा पैसा तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी भी विशेष आवश्यकता में बचत खाते से आप पैसे निकालने में सक्षम रहेंगे। शेष बचे दो तिहाई हिस्से को लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखा जा सकता है। ध्यान रहे कि यदि आप अपने लिक्विड म्यूचुअल फंड से पैसे निकालना चाहते हैं, तो आपको अपने खाते में पैसे वापस लाने में कम से कम 1 कार्य दिवस लगेगा।
इमर्जेंसी फंड का निवेश शेयर बाजार में न करें
कुछ लोग अधिक रिटर्न के लिए अपने इमरजेंसी फंड को शेयर बाजार में भी निवेश करते हैं। मंदी के समय बाजार में पैसे गंवाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में इमरजेंसी फंड को शेयर बाजार में निवेश नहीं करें तो सही है।
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