नई दिल्ली: भारत में रहने वाले लोगों के लिए आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में से एक बन गया है। कई सरकारी योजनाओं से जुड़े होने के चलते यह महत्वपूर्ण पहचान डॉक्यूमेंट बन चुका है। भारत के हर नागरिक की यूनीक पहचान आधार को सरकारी नियमों के मुताबिक, कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ लिंक कराना जरूरी है। जैसे- इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए आधार की जरूरत पड़ती है। उसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस को भी आधार से लिंक किया जा सकता है।
आधार को डीएल से लिंक करना काफी आसान
ऐसे में अगर आप अपने आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक कराने के बारे में सोच रहे हैं तो आपके पास अच्छा मौका है क्योंकि अब आधार को डीएल से लिंक कराना काफी आसान हो गया है। डीएल-आधार लिंकिंग के जरिए नकली लाइसेंस बनवाने वालों पर भी रोक लगाई जा सकती है। हांलाकि इस बात की जानकारी भी दें कि अभी तक सरकार की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस और आधार को लिंक कराना अनिवार्य नहीं किया गया है। लेकिन फिर भी सेफ्टी के लिए दोनों लिंक कराने बेहतर होगा, इसके साथ ही डीएल-आधार लिंकिंग से काफी फायदा भी हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से कैसे लिंक करा सकते हैं।
-आपको सबसे पहले sarathi.parivahan.gov वेबसाइट पर जाएं।
- अब आपका डीएल जिस राज्य का उसे सलेक्ट करना होगा।
- जिसके बाद एक विंडो ओपन हो जाएगी।
- विंडो की दाईं ओर मेन्यू बार में Apply Online पर क्लिक करना होगा।
- जिसके बाद on Driving Licence (Renewal/Duplicate/Aedl/Others) पर क्लिक करना होगा।
- एक नई विंडो ओपन होगी, जहां से फिर आपको स्टेट की डिटेल देनी होगी।
- स्टेट को सेलेक्ट करने के बाद Countinue के बटन पर क्लिक करें।
- उसके बाद आधार कार्ड से संबंधित जानकारी देनी होगी।
- अंत में आपको प्रोसिड पर क्लिक करना होगा।
- अब ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूरी जानकारी होगी, जिसके नीचे मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का ऑप्शन दिखेगा।
- आधार नंबर और ओटीपी नंबर फिल करना होगा। आपको डीएल अपडेट हो जाएगा।
- आधार को डीएल से लिंक करने का सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा कि ड्राइविंग लाइसेंस की डुप्लीकेसी नहीं पाएगी जिससे किसी भी इमरजेंसी या दुर्घटना की स्थिति में आरोपी की पहचान करना आसान होगा।
- अभी तक लोग अलग किसी दूसरे आरटीओ ऑफिस जाकर दूसरा डीएल बनवा लेते हैं।
- इसके साथ ही आधार से डीएल को लिंक कर देने से नकली डीएल बनवाना आसान नहीं होगा।
- अभी तक नकली डीएल की वजह से कई बार दुर्घटना करने के बाद कुछ आरोपी फरार हो जाते हैं और दूसरा नकली लाइसेंस बनवा लेते हैं जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
- डीएल से आधार को लिंक करने से लोग फाइन देने से नहीं बच पाएंगे।
- अभी तक लोग उनके नाम में किए गए फाइन को या तो बहुत देर में जमा करते हैं या तो कई बार दूसरा लाइसेंस बनवा लेते हैं।
- आधार लिंक होने से इससे बचा जा सकेगा।
- आईआरसीटीसी की आधिकारिक ई-टिकटिंग वेबसाइट - irctc.co.in पर जाएं।
- यूजर आईडी और पासवर्ड डालें, माई प्रोफाइल टैब पर जाएं और आधार केवाईसी पर क्लिक करें।
- आधार संख्या जोड़ें और सेंड ओटीपी विकल्प चुनें। ओटीपी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा।
- उसके बाद ओटीपी दर्ज करें और सत्यापित करें विकल्प पर क्लिक करें। सबमिट विकल्प चुनें। इसके बाद आधार नंबर को वेरीफाई करना होगा। अंत में एक एसएमएस आएगा, बधाई हो, आपका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार कार्ड से जुड़ गया है।
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