नई दिल्ली, फरवरी 21। गोल्ड और ब्लैक गोल्ड तो आपने सुना होगा, लेकिन लाल सोना के बारे में हा सकता है कि आपकी जानकारी न हो। गोल्ड तो गोल्ड होता ही है, वहीं ब्लैक गोल्ड क्रूड को कहा जाता है। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं एक ऐसी वस्तु है, जिसे लाल सोना कहा जाता है। इसका कारण यह है कि गोल्ड की तरह ही महंगी और अच्छी कमाई कराती है। अगर आपके मन में भी लाल गोल्ड से कमाई का इरादा है, तो यहां पर पूरी जानकारी ले सकते हैं।
दरअसल लाल सोना केसर को कहा जाता है। यह काफी महंगा होता है, और इसकी मांग हरदम बनी रहती है। यही कारण है कि जानकार इसे लाल सोना भी कहते हैं। केसर की खेती से लाखों रुपये महीने कमाया जा सकता है। अगर आप इस लाल सोना यानी केसर की खेती के बारे में जानने के इच्छुक हैं, तो यहां पर पूरी जानकारी ले सकते हैं। केसर की खेती से कोई भी 3 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये महीने तक की कमाई कर सकता है।
आमतौर पर कारोबार में डिमांड और सप्लाई का फॉर्म्यूला फायदा तय करता है। लेकिन देश और दुनिया में केसर की मांग ज्यादा है और आपूर्ति काफी कम। यही कारण है कि इसकी खेती हरदम ही फायदा देती है। इसी फायदे को देखते हुए इस लाल सोना भी कहा जाता है। देश में इस वक्त केसर की कीमत 2.50 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये प्रति किलो के बीच है। यह रेट केसर की गुणवत्ता के आधार पर तय होता है। इसे एक बिजनेस आइडिया की तरह लिया जा सकता है।
केसर की खेती के लिए समुद्र तल से 1500 मीटर से लेकर 2500 मीटर की ऊंचाई वाली जगह अच्छी मानी जाती है। केसर की खेती के लिए ठीकठाक धूप चाहिए होती है। वहीं ठंड और बरसात के मौसम में केसर की खेती नहीं होती है। जहां तक इसके बीज की बात है तो इसके लिए 10 वॉल्व बीज का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कीमत करीब 550 रुपये के आसपास है।
केसर की खेती करने के लिए रेतीली, चिकनी, बलुई या फिर दोमट मिट्टी जरूरी होती है। हालांकि केसर की खेती को अन्य मिट्टी में भी आसानी से किया जा सकता है। केसर के खेत में पानी का जमाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो केसर की फसल बर्बाद हो सकती है। इसी लिए ऐसी जगह का चयन ज्यादा अच्छा माना जाता है, जहां पर पानी बिल्कुल ही न भरे।
केसर का बीज बोने से पहले खेत को अच्छी तरह से जुताई जरूरी है। इसके अलावा मिट्टी को भुरभुरा बना कर आखिरी जुताई से पहले गोबर का खाद और साथ में 90 किलोग्राम नाइट्रोजन 60 किलोग्राम फास्फोरस और पोटास प्रति हेक्टेयर के दर से अपने खेत में डाला जाना चाहिए। इससे केसर फसल अच्छी होती है। केसर की फसल लगने का सही समय ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में जुलाई से अगस्त तक ठीक समझा जाता है, वहीं मध्य जुलाई इसके लिए अच्छा समय होता है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में फरवरी से मार्च के बीच केसर के बीज बो दिए जाने चाहिए।
केसर को अच्छी तरह से पैक करके नजदीकी मंडी में अच्छे दामों में बेचा जा सकता है। वहीं अगर आप केसर को ऑनलाइन बेच सकें तो और भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। अगर कोई महीले में 2 किलो केसर भी तैयार करके बेच लेता है तो उसकी कमाई 6 लाख रुपये तक हो सकती है।
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