नई दिल्ली: सोने के गहनों की खरीदार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। सोना के सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है और इसी कारण हाल ही में सोने के कीमत में अच्छी उछाल देखने को मिली है। लेकिन सोना खरीदने से पहली उसकी परख को लेकर अक्सर लोगों के मन में शंका बनी रहती है। अब हाल ही में केंद्र सरकार ने सोने के आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए ग्राहक इस ऐप के जरिए सोने की शुद्धता का पता घर बैठे आसानी से लगा सकते हैं। GOLD का मिला बड़ा खजाना, कीमत है 42 हजार करोड़ रुपये
मोदी सरकार ने इस साल एक ऐप लॉन्च किया था, जिसमें ग्राहक सोने की शुद्धता की जांच खुद भी कर सकते हैं। इस साल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 को भी पूरे देश में लागू किया गया है। दोनों के लागू हो जाने के बाद सोना खरीददारों की कई मुश्किलें कम हो रही हैं। उपभोक्ता एवं खाद्य मंत्रालय ने ग्राहकों को अब एक ऐप के जरिए सोने की सत्यता की जांच का ऑप्शन दिया है।
- अपने एंड्रॉइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और सर्च बार में बीआईएस ऐप ऐप खोजें और इंस्टॉल करें
- डाउनलोड हो जाने के बाद, बीआईएस ऐप खोलें
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्ज करें
- ओटीपी के माध्यम से नंबर और ईमेल आईडी को वेरीफाई करें
- अब बीआईएस ऐप के जरिए ग्राहक सामान की सत्यता की जांच कर सकेंगे सामान की शिकायत, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और हॉलमार्क की सत्यता की जांच कर सकते हैं।
- अगर सामान का लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और हॉलमार्क नंबर गलत पाया जाता है तो ग्राहक इसकी शिकायत भी तुरंत कर सकता है।
- आईएसआई मार्क के दुरुपयोग, हॉलमार्क जैसे मुद्दों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- पंजीकरण मार्क, भ्रामक विज्ञापन और बीआईएस से संबंधित अन्य मुद्दे के भी शिकायत कर सकते हैं।
- ऐप के जरिए तुरंत ही ग्राहक को शिकायत दर्ज करने की जानकारी मिल जाएगी।
बता दें कि बीआईएस मानकों को लागू करने के साथ-साथ सत्यता की प्रामणिकता की जांच भी करता है। हाल ही में बीआईएस ने कहा था कि देशभर में लगभग 37,000 मानक जारी किए गए हैं, जिनमें गुणता नियंत्रण आदेशों के जारी होने के कारण लाइसेंसों की संख्या में तेजी से उछाल आने की संभावना है। इसके साथ ही बीआईएस की प्रयोगशालाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण करने पर जोर दिया जा रहा है। बीआईएस के 8 प्रयोगशालाओं हैदराबाद, अहमदाबाद, जम्मू, भोपाल, रायपुर और लखनऊ जैसे कई शाखा कार्यालयों में स्वर्ण आभूषणों के मूल्यांकन कर रहे हैं।
बीआईएस का हॉलमार्क सोने के साथ चांदी की शुद्धता को प्रमाणित करने का माध्यम है। बीआईएस का यह चिह्न प्रमाणित करता है कि गहना भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड पर खरा उतरता है। हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है। हॉलमार्किंग स्कीम भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत संचालन, नियम और विनियम का काम करती है । इसलिए सोने खरीदने से पहले सुनिश्चित करें कि आभूषणों में बीआईएस हॉलमार्क है। यदि सोने के गहनों पर हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है।
अगर आप सोने की खरीदारी करने जाते है तो आपको ध्यान देना होगा कि हॉलमार्किंग वाला आभूषण खरीदने के बाद ज्वैलर्स से ओरिजनल बिल अवश्य लें। इस बात का ध्यान दें कि बिल में लिखा हो कि आप जो ज्वेलरी खरीद रहे हैं, उसकी शुद्धता क्या है जैसे अगर आपने 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी खरीदी है तो बिल में अंकित होना चाहिए कि 22 कैरेट। ऐसा इसलिए कि अगर भविष्य में जब आप उसे बेचे तो उसकी प्योरिटी और उसके वजन को लेकर कोई भी समस्या न हो। ये बिल भी ग्राहक को हमेशा ज्वैलरी के साथ संभाल कर रखना चाहिए।
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