नई दिल्ली, मई 28। भारत में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में वृद्धि, बदलती जीवनशैली और हेल्थकेयर ट्रीटमेंट की लागत में वृद्धि को देखते हुए अपनी आयु के 20 के दशक में ही स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेना एक तरह से जरूरी हो गया है। कोविड-19 महामारी आने के बाद भारत में स्वास्थ्य बीमा की मांग काफी बढ़ गई। एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में भारत में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की रिटेल बिक्री में 28.5 फीसदी की भारी वृद्धि देखी गयी, जो वित्त वर्ष 2021-22 में 25.9 फीसदी रही। कोरोना महामारी ने निश्चित रूप से लोगों को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की अनिवार्यता का एहसास कराया है। हालांकि अक्सर यह देखा जाता है कि बहुत से लोगों को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होने के महत्व का एहसास नहीं होता। ऐसे लोग अपनी आयु के 40 के दशक में इसके बारे में जागरूक होते हैं। मगर कम आयु में बीमा पॉलिसी लेने के कई फायदे हैं। यहां हम आपको वही बताएंगे।
अगर आप 20 साल की उम्र में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, तो आप कम प्रीमियम रेट का लाभ उठा पाएंगे। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का प्रीमियम बीमित सदस्यों की आयु पर निर्भर करता है और ये उनकी उम्र के साथ बढ़ता है क्योंकि आयु के साथ साथ स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य बीमा में प्रतीक्षा अवधि उस समय अवधि को कहते हैं जिसके तहत बीमाधारक विशिष्ट बीमारियों, सर्जरी, प्री-एग्जिस्टिंग मेडिकल कंडीशंस के लिए स्वास्थ्य बीमा के लिए क्लेम नहीं कर सकता है। स्वास्थ्य बीमा योजना के आधार पर कि आप अपनी प्रतीक्षा अवधि 2-4 साल के बीच कहीं भी चुन सकते हैं। जब आप 20-22 साल की उम्र में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, तो आपकी स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रतीक्षा अवधि न्यूनतम होगी क्योंकि युवा आमतौर पर शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से फिट होते हैं।
यदि पॉलिसी अवधि के दौरान कोई क्लेम दायर नहीं करते हैं तो अधिकांश बीमाकर्ता बढ़े हुए कवरेज के रूप में 10% से 50% तक का बोनस प्रदान करते हैं। आप समय पर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदकर नो क्लेम बोनस (एनसीबी) जमा करना शुरू कर पाएंगे। आप इस एनसीबी का उपयोग जीवन के बाद के वर्षों में कर सकते हैं जब आप बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं और आपको क्लेम करने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन अगर आप जीवन के बाद के वर्षों में पॉलिसी खरीदते हैं, तो आप इस तरह के बढ़े हुए कवरेज का आनंद नहीं ले पाएंगे।
पारिवारिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम भारत में कर छूट के लिए योग्य हैं। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80डी के तहत, आप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। तो फिर जल्दी प्रीमियम भरना शुरू कीजिए और टैक्स छूट लीजिए।
जो लोग अपने आयु के 20 के दशक में हैं और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी चाहते हैं, वे सस्ती प्रीमियम दरों पर व्यापक कवरेज प्राप्त कर सकते हैं। जब आप कम उम्र में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, तो आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पहले से मौजूद मेडिकल कंडीशन की कोई संभावना नहीं है, आप शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से फिट हो सकते हैं।
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