नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच किसानों के लिए काफी अच्छी खबर है। एचडीएफसी बैंक किसानों के लिए खास सुविधा लेकर आया है। एचडीएफसी बैंक ने भारत के किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ई-किसान धन एप लॉन्च की घोषणा की। इस ऐप की मदद से देश के किसान अपने मोबाइल पर कृषि और बैंकिंग से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। यह ऐप कृषि गतिविधियों से जुड़े लोगों को जानकारी व सूचना उपलब्ध करा ग्रामीण इकोसिस्टम की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
ई-किसान धन ऐप किसानों को कई वैल्यू एडेड सर्विस उपलब्ध कराएगा, जैसे- मंडी के भाव, कृषि से जुड़ी नई खबरें, मौसम की सूचना, बीज की वैरायटी पर जानकारी, एसएमएस एडवायजरी, ई-पशुहाट, किसान टीवी आदि। ऐप पर सरकार की नई स्कीम्स की सूचना और उनका कैसे लाभ लिया जा सकता है, इसकी जानकारी भी मिलेगी। किसान एचडीएफसी बैंक के इस ऐप की मदद से कई बैंकिंग सर्विसेज का लाभ भी ले सकेंगे। उदाहरण के रूप में लोन के लिए आवेदन करना, बैंक अकाउंट खुलवाना, बीमा की सुविधा, किसान क्रेडिट कार्ड लोन के लिए पात्रता पता करने के लिए ऑनलाइन कैलकुलेशन, सरकार की सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ आदि।
ई-किसान धन ऐप गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है। अभी यह केवल अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है लेकिन जल्द ही इसे अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऐप को लॉन्च किया जाना बैंक की हर गांव हमारा पहल का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और सुविधाओं की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों के ग्राहकों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ई-किसान ऐप की मदद से सरकार की सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ भी लिया जा सकता है। वहीं, किसान एफडी, आरडी के लिए भी ई-किसान धन ऐप से आवेदन कर सकेंगे।
एचडीएफसी बैंक के रूरल बैंकिंग ग्रुप हेड का कहना है कि हमारा मकसद हर किसान को अंगुलियों पर सूचना और जानकारी उपलब्ध कराना है। हमारा मानना है कि इस प्रकार की पहलें कृषि क्षेत्र में ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने, उनके घरों में संपन्नता लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने में मदद करेंगी। इससे देश की ग्रोथ में मदद होगी।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बागवान मित्र मोबाइल एप को लॉन्च कर दिया है। इस एप को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की लखनऊ स्थित लैब सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सब ट्रॉपिकल हॉर्टीकल्चर ने डिजाइन किया है। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री ने इस एप को बीते कल मंगलवार को लॉन्च किया है। इस एप की खास बात है यह है इसे बिना पढ़ा लिखा किसान भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है। किसान जो कुछ बोलेगा वह टेक्स्ट में कनवर्ट हो जाएगा। इस एप के जरिए किसान रोगग्रस्त पौधों की तस्वीरें भेज सकेंगे। इसका फायदा ये होगा कि किसान जो तस्वीर भेजेंगे उनके जरिए वैज्ञानिकों को सही बीमारी का पता लगाने में भी मदद मिलेगी। इस एप से किसानों को मौसम की जानकारी भी मिलेगी। एप से किसान वैज्ञानिकों तक खेती के दौरान आ रही परेशानियों को तस्वीर के के जरिए साझा कर सकें।
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