नई दिल्ली: आज से ठीक 8 दिन बाद नया साल शुरू होने वाला है। नए साल पर ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों के लिए एक खुशखबरी है। मोदी सरकार जनवरी 2021 से ग्रामीण इलाकों के लोगों को केवल रियायती दरों पर एलईडी बल्ब मुहैया कराने के लिए एक नई ग्रामीण उजाला योजना की शुरुआत करने जा रही है। कमाई का मौका : शुरू करें LED लाइट बनाना, जानें पूरा तरीका ये भी पढ़ें
10-10 रुपये प्रति बल्ब की रेट पर ले सकेंगे एलईडी बल्ब
सरकार की इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले प्रति परिवार 10 रुपये की रियायती दर पर तीन से चार एलईडी बल्ब दिए जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से लागू होने वाली इस नई योजना के तहत सरकार फिलहाल पूरे देश में करीब 60 करोड़ एलईडी बल्ब का वितरण करेगी।
सरकार की इस योजना की शुरुआत सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत देश के पांच शहरों से करेगी। ऊर्जा दक्षता को गांवों में ले जाने और बिजली बिल में कमी के जरिये वहां रहने वालेलोगों की बचत बढ़ाने के इरादे से यह योजना शुरू की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस ग्रामीण उजाला योजना नाम से कार्यक्रम जनवरी 2021 के दूसरे सप्ताह से शुरू किया जा सकता है। इसके तहत देश के लगभग 15 से 20 करोड़ ग्रामीण परिवार के बीच 60 करोड़ एलईडी बल्ब बांटने की योजना है।
मालूम हो कि योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। शुरू में इसे उत्तर प्रदेश के वाराणसी , बिहार के आरा, महाराष्ट्र के नागपुर, गुजरात के वडनगर और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। योजना को अगले तीन महीने यानी अप्रैल तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। इस योजना के तहत 10 रुपये प्रति एलईडी की दर से 15 से 20 करोड़ परिवार को 3 से 4 बल्ब दिये जाने का लक्ष्य है। बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रम (एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी और पावरग्रिड) की संयुक्त उद्यम कंपनी अभी उजाला कार्यक्रम के तहत 70 रुपये प्रति बल्ब की दर से 36.50 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब बांट चुकी है, लेकिन इसमें से 20 फीसदी बल्ब ही ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे जा सके हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्रामीण उजाला कार्यक्रम के लाभ भी है। इस योजना के लागू होने से करीब 9324 करोड़ यूनिट सालाना बिजली की बचत होगी, जबकि 7.65 करोड़ टन सालाना कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उसने कहा कि इस योजना से ऊर्जा बचत के रूप में करीब 50,000 करोड़ रुपये सालाना बचत का अनुमान है। इससे जहां लोगों की बिजली बिल के रूप में पैसे की बचत होगी, वहीं एक सतत और बेहतर जीवन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही एलईडी बल्ब की मांग बढ़ने से निवेश भी बढ़ेगा।
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