नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। कई दशकों तक चले विवाद और मुकदमे के बाद पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो पाया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक ट्रस्ट को बनाया गया है, जो राम मंदिर निर्माण का कार्य देखेगी। इस ट्रस्ट का नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट है। अगर आप चाहते हैं कि राम मंदिर निर्माण में सहयोग राशि दें तो इस ट्रस्ट को दे सकते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सरकार ने विशेष छूट भीा दी है। इसके चलते अगर आप इस ट्रस्ट को दान देते हैं, तो इस पर इनकम टैक्स की छूट भी हासिल कर सकते हैं। इस ट्रस्ट में आप जितना भी पैसा दान करेंगे, उसके पैसे पर पूरी इनकम टैक्स की छूट मिलेगी। आइये जानते हैं कि यह इनकम टैक्स की छूट कैसे काम करेगी।

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जानिए किस नियम के तहत मिलेगी इनकम टैक्स की छूट

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान दी रकम पर इनकम टैक्स की छूट मिलती है। यह छूट आयकर के सेक्शन 80जी के तहत दी गई है। जिसमें इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत सेक्शन 80जी (2) (बी) में छूट मिलेगी। ट्रस्ट को दान की गई रकम पर वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान क्लेम कर छूट ली जा सकती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

ऑनलाइन दान व अन्य जानकारी के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए लिंक को क्लिक करें

https://srjbtkshetra.org/donation-options/

 

सीबीडीटी ने जारी किया नोटिफिकेशन

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नोटिफिकेशन में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80G के सब-सेक्शन (2)के अंदर क्लॉस (b) के तहत राहत दी है। इससे ट्रस्ट में दान करने वालों को 50 फीसदी की सीमा तक डिडक्शन मिलेगा। वहीं ट्रस्ट की आय को पहले से ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 11 और 12 के तहत छूट दी गई है। यह छूट दूसरे अधिसूचित किए गए धार्मिक ट्रस्टों की तरह ही है।

कई धार्मिक संस्थानों को पहले ही मिल चुकी है छूट

किसी ट्रस्ट की आय को इनकम टैक्स से सेक्शन 11 एवं 12 के तहत छूट देने के लिए दूसरी प्रक्रिया है। इसमें अधिसूचित किये गए सभी ट्रस्टों को छूट मिलती है। लेकिन, सेक्शन 80जी के तहत छूट सभी धार्मिक ट्रस्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। एक चैरिटेबल या धार्मिक ट्रस्ट को पहले इनकम टैक्स के सेक्शन 11 और 12 के तहत छूट के लिए रजिस्ट्रेशन को लेकर अप्लाई करना होता है। इसके बाद दान करने वाले लोगों को सेक्शन 80जी के तहत छूट की मंजूरी दी जाती है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 2017 में चैन्नई के मायलापुर में स्थित अरुलमिगु कपालिश्वरर थिरुकोइल, चैन्नई के श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर और महाराष्ट्र के सज्जनगढ़ में स्थित स्वामी समाधि मंदिर और रामदास स्वामी मठ को ऐतिहासिक महत्व और सार्वजनिक पूजा के की जगह मानते हुए सेक्शन 80जी के तहत छूट की मंजूरी दी गई हुई है। इसके अलावा दूसरे धार्मिक स्थान जैसे अमृतसर का गुरुद्वारा श्री हरिमंदिर साहिब में दान पर भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80जी के तहत इनकम टैक्स की छूट मिलती है।

इन जगहों पर कितनी मिलती है इनकम टैक्स की छूट

कुछ जगहों पर टैक्स छूट का फायदा सिर्फ कुल आमदनी की अधिकतम 10 फीसदी रकम को दान करने पर ही मिलता है। जैसे अगर आपकी सालाना आमदनी 5 लाख रुपये है तो आप सिर्फ 50 हजार रुपये तक का ही दान कर उस पर टैक्स छूट ले सकते हैं। अगर दान 10 फीसदी से ज्यादा होता है, तो भी सेक्शन 80जी के तहत टैक्स में छूट 10 फीसदी रकम पर ही मिलेगी। हालांकि, कुछ संस्थाओं को दान देने पर 10 फीसदी की यह सीमा नहीं होती है। कुछ मामलों में यह छूट 50 फीसदी टैक्स तक और कुछ मामलों यह 100 फीसदी तक होती है।

श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस नियम के तहत मिली है इनकम टैक्स की छूट

श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस नियम के तहत मिली है इनकम टैक्स की छूट

50 फीसदी डिडक्शन, बिना लिमिट : कुछ संस्थाओं को दान देने पर दान दी गई रकम पर 50 फीसदी का इनकम टैक्स पर डिडक्शन मिलता है। दान की रकम पर 10 फीसदी का बंधन भी नहीं होता है। लोग जितनी भी रकम देंगे, उतने पर 50 फीसदी इनकम टैक्स का डिडक्शन ले सकते हैं। श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इसी तरह की छूट मिली है।

100 फीसदी डिडक्शन, बिना लिमिट

कुछ संस्थाओं को दान देने पर दान दी गई रकम पर 100 फीसदी डिडक्शन मिलता है। इनमें दान की रकम पर 10 फीसदी का बंधन भी नहीं है। जितनी रकम देंगे, उतनी पर 100 फीसदी डिडक्शन मिलेगा। जैसे प्रधानमंत्री राहत कोष, राष्ट्रीय रक्षा कोष, राष्ट्रीय बाल कोष, राष्ट्रीय भूकंप राहत कोष आदि।

100 फीसदी डिडक्शन, 10 फीसदी लिमिट

कुछ संस्थाओं को दान देने पर दान दी गई रकम पर 100 फीसदी डिडक्शन मिलता है। इनमें दान की रकम पर आमदनी की 10 फीसदी की लिमिट होती है।

50 फीसदी डिडक्शन, 10 फीसदी लिमिट

कुछ संस्थाओं को दान देने पर दान दी गई रकम पर 50 फीसदी डिडक्शन मिलता है। इनमें दान की रकम पर आमदनी की 10 फीसदी की लिमिट है।