नई दिल्ली: एक तरफ कोरोना के चलते बहुत सारे बिजनेस ठप हो गए हैं। करोड़ों लोगों पर इस वायरस की वजह से काफी बड़ी आर्थिक चोट पहुंची है। दूसरी ओर लगातार बिजली महंगी हो रही है, जिसका सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। ऐसे में आप सोलर पैनल इंस्टॉल कर के, बिजली के भारी-भरकम बिल की टेंशन से बच सकते है। सोलर एनर्जी पर सरकार का फोकस है। इसके फायदे के साथ ही कमाई के भी बड़े मौके हैं।
इसलिए बिजली बिल को घटाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। इसके लिए आपको अपने छत पर सोलर पैनल लगाना होगा। सोलर पैनल को कहीं भी इंस्टॉल करा सकते हैं। अगर आप चाहें तो छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाकर ग्रिड में सप्लाई कर सकते हैं। सोलर पैनल लगाने वालों को केंद्र सरकार का न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय रूफटॉप सोलर प्लांट पर 30 फीसदी सब्सिडी देता है। बिना सब्सिडी के रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है। ध्यान रहें कि राज्यों के हिसाब से यह खर्च अलग होगा।
- सोलर पैनल खरीदने के लिए आप राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं।
- जिसके लिए राज्यों के प्रमुख शहरों में कार्यालय बनाए गए हैं।
- हर शहर में प्राइवेट डीलर्स के पास भी सोलर पैनल उपलब्ध होते हैं।
- सब्सिडी के लिए फॉर्म भी अथॉरिटी कार्यालय से ही मिलेगा।
- अथॉरिटी से लोन लेने के लिए पहले संपर्क करना होगा।
- घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जा सकती है। इसे बेचकर आप पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए ये कुछ काम करने होंगे।
- लोकल बिजली कंपनियों से टाइअप करके बिजली बेच सकते हैं। इसके लिए लोकल बिजली कंपनियों से आपको लाइसेंस भी लेना होगा।
- बिजली कंपनियों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट करना होगा।
- सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रति किलोवाट टोटल इन्वेस्टमेंट 60-80 हजार रुपए होगा।
- प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर आपको प्रति यूनिट 7.75 रुपए की दर से पैसा मिलेगा।
सोलर पैनल में मेटनेंस खर्च की भी टेंशन नहीं है। लेकिन हर 10 साल में एक बार इसकी बैटरी बदलनी होती है। इसका खर्च करीब 20 हजार रुपए होता है। इस सोलर पैनल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है। सरकार की तरफ से पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर यह पहल शुरू की गई। जहां जरूरत के मुताबिक, पांच सौ वाट तक की क्षमता के सोलर पावर पैनल लगा सकते हैं। इसके तहत पांच सौ वाट के ऐसे प्रत्येक पैनल पर 50 हजार रुपए तक खर्च आएगा। यह प्लांट एक किलोवाट से पांच किलोवाट क्षमता तक लगाए जा सकते हैं।
एक सोलर पैनल की कीमत तकरीबन एक लाख रुपए है। हर राज्य के हिसाब से यह खर्च अलग-अलग है। लेकिन सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के बाद एक किलोवॉट का सोलर प्लांट मात्र 60 से 70 हजार रुपए में इन्स्टॉल हो जाता है। आपको बता दें कि कुछ राज्य इसके लिए अलग से अतिरिक्त सब्सिडी भी देते हैं। सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए अगर एकमुश्त 60 हजार रुपए नहीं है, तो आप किसी भी बैंक से होम लोन भी ले सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को होम लोन देने को कहा है।
सोलर पैनलों की उम्र 25 साल की होती है। इस पैनल को आप अपनी छत पर आसानी से इंस्टाल करा सकते हैं। और पैनल से प्राप्त होने वाली बिजली निशुल्क होगी। इसके साथ ही बची हुई बिजली को ग्रिड के जरिए सरकार या कंपनी को बेच भी सकते हैं। इसका मतलब फ्री के साथ कमाई का मौका मिलेगा। अगर आप अपने घर की छत पर दो किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टाल कराते हैं तो दिन के 10 घंटे तक धूप निकलने की स्थिति में इससे करीब 10 यूनिट बिजली बनेगी। अगर महीने का हिसाब लगायें तो दो किलोवाट का सोलर पैनल करीब 300 यूनिट बिजली बनाएगा।
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