नई दिल्ली। पैन कार्ड कई जगह काम आता है। यहां तक की कई खरीद बिक्री ऐसी हैं, जहां बिना पैन कार्ड के काम नहीं चलता है। पैन कार्ड आयकर विभाग की तरफ से जारी किया जाता है। शार्ट नेम में पैन कार्ड का पूरा नाम परमानेंट अकाउंट नंबर है। यह एक बार बनने के बाद आजीवन मान्य होता है, भले ही आपका एड्रेस क्यों न बदलता रहे। टैक्स चोरी और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने कई आर्थिक लेनदेन के लिए पैन कार्ड को अनिवार्य कर रखा है। हां, अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है, तो आप इसके बदले फॉर्म 60 भर कर दे सकते हैं।
अगर आप कोई वाहन खरीद या बेच रहे हैं, तो आपको पैन कार्ड देना होगा। इसी प्रकार, बैंक में खाता खुलवाने के लिए भी पैन कार्ड जरूरी है। अगर आप डीमैट खाता खुलवाने जा रहे हैं, तब भी पैन कार्ड देना होगा। इसके अलावा, अगर आप 50,000 रुपये अधिक का नकद लेनदेन (होटल या रेस्टोरेंट) में एक बार में करते हैं, तो आपके पास पैन कार्ड होना जरूरी है।
अगर आप विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो ट्रैवल या विदेशी मुद्रा से जुड़े 50,000 रुपये से अधिक के एकमुश्त लेनदेन के लिए आपको पैन नंबर बताना होगा। अगर आप 50,000 रुपये से अधिक का म्युचुअल फंड, डिबेंचर्स, बॉन्ड आदि खरीदते हैं, तब भी आपको पैन कार्ड देना होगा। अगर आप बैंक में 50,000 रुपये अधिक नकद जमा करते हैं या एक दिन में बैंक ड्राफ्ट या पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक के लिए 50,000 रुपये से अधिक कैश देते हैं, तो भी आपको पैन नंबर देना होगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी अगर 50,000 रुपये अधिक की है, तो पैन कार्ड की जानकारी देना जरूरी है। इसके अलावा, कुल मिलाकर अगर आपका फिक्स्ड डिपॉजिट एक वित्त वर्ष में 5 लाख रुपये अधिक है, तो भी आपको पैन कार्ड देना होगा। किसी भी प्रीपेड इंस्टूमेंट के लिए अगर आप एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक का भुगतान करते हैं या जीवन बीमा प्रीमियम के तौर पर एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक का प्रीमियम देते हैं, तो भी आपको पैन नंबर बताना होगा।
शेयरों के अलावा अगर आप एक बार में 1 लाख रुपये से अधिक के शेयर खरीदते हैं या वैसी कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री एक बार में 1 लाख रुपये से ज्यादा की करते हैं, तो किसी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, तो आपको पैन कार्ड नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा।
अगर आप 10 लाख रुपये अधिक कीमत की अचल संपत्ति खरीदते हैं या कोई ऐसी वस्तु या सेवा जिसकी चर्चा ऊपर नहीं की गई है, और उसकी लेनदेन की राशि 2 लाख रुपये से अधिक है, तो भी आपको पैन कार्ड देना होगा।
अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है, तो आयकर विभाग के नियमों के अनुसार आप उपरोक्त लेनदेन के लिए फॉर्म 60 दे सकते हैं। इसमें यह लिखा होता है कि आपके पास पैन कार्ड नहीं है, और आपकी आय कर सीमा से कम है।
1 सितंबर 2019 से आयकर विभाग ने पैन कार्ड धारकों को यह अनुमति दी है कि अगर उनके पास पैन नंबर नहीं है, तो वे आधार नंबर दे सकते हैं। इसका इस्तेमाल आप न सिर्फ आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, बल्कि उपरोक्त लेनदेन भी कर सकते हैं। इसके लिए आपका पैन कार्ड आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
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