नयी दिल्ली। 2020 खत्म होने की कगार पर है। ये साल कोरोना की वजह से बिजनेस ठप्प होने और नौकरियां छिन जाने के लिए याद रखा जाएगा। जिन लोगों की नौकरी बच गई उन्हें भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इनमें सैलेरी में कटौती सबसे अहम मुद्दा रहा। जिन्हें पैसों का नुकसान नहीं हुआ उनमें ज्यादातर घर से काम करते-करते बोर हो गए। अगर आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं तो नौकरी छोड़िये अपने कारोबार की शुरुआत कीजिए। नया साल नई उम्मीदों के साथ आएगा। यही मौका एक बोर 10 से 6 बजे वाली नौकरी से निकल कर कुछ नया करने का। यहां हम आपको एक बिजनेस आइडिया के बारे बताएंगे, जो आप 5000 रु जैसी छोटी रकम के साथ शुरू कर सकते हैं। ये बिजनेस थोड़े पुराने जमाने का लग सकता है, मगर अच्छी कमाई के साथ-साथ आपको सरकार का सपोर्ट भी मिलेगा।
लोगों के बहुत सारे छोटे-छोटे शौक या पसंद ऐसी होती हैं जिन्हें आप अपने बिजनेस में ढाल लें तो अच्छी कमाई कर सकते हैं। हमारे देश में एक ऐसी ही पसंद है मिट्टी के कुल्हड़ों में चाय या कॉफी पीने की। लोग मिट्टी के छोटे कप, जिन्हें कुल्हड़ कहा जाता है, में चाय और कॉफी पीना बहुत पसंद करते हैं। इनकी खपत भी बहुत बढ़िया है। अच्छी बात ये है कि सरकार इन कपों की डिमांड बढ़ाना चाहती है। बल्कि सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी तो कुल्हड़ को बढ़ावा देने तक की बात कह चुके हैं।
आप कुल्हड़ बनाने का छोटा बिजनेस सेट-अप बेहद कम लागत से शुरू कर सकते हैं। सुनने में ये काम छोटा लगेगा, मगर आप 5000 रु में शुरू करके इस कारोबार से बेहद कम जगह में हर महीने 50 हजार रु तक कमा सकते हैं। जहां तक सरकारी मदद का सवाल है तो सरकार ने कुम्हार सशक्तीकरण योजना शुरू की है, जिसके तहत मिट्टी के बर्तन बनाने वालों को हाथ नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक चाक दिए जा रहे हैं। इससे आप कुल्हड़म तैयार कर सकते हैं। जानकार लोग दूसरी चीजें भी तैयार कर सकते हैं।
सुविधा की बात ये है कि सरकार ही आपको इलेक्ट्रिक चाक देगी और फिर सरकार ही आप से तैयार माल खरीद लेगी। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अब तो एयरपोर्ट जैसी जगहों पर भी कुल्हड़ वाली चाय बिकने लगी है। यानी इसकी खपत और मांग दोनों में इजाफा हो रहा है। 2021 में बोर नौकरी छोड़ कर आप इसी से खुद बॉस बन सकते हैं।
ये बिजनेस एक पंथ दो काज की तरह है। पैसा कमाने के साथ-साथ आप पर्यावरण की भी हिफाजत कर सकते हैं। प्लास्टिक से पर्यावरण को नुकसान होता है। जबकि मिट्टी के बर्तन बिल्कुल इसके उलट होते हैं।
इस समय लस्सी वाले कुल्हड़ का दाम प्रति 100 कप 150 रु है। वहीं दूध वाले कुल्हड़ के लिए ये रेट (प्रति 100) भी 150 रु और चाय-कॉफी की प्याली के लिए ये रेट 100 रु हैं। अगर आप प्रोडक्शन अच्छे से करें तो महीने में 40-50 रु तक कमा सकते हैं। अच्छी बात ये है कि इसमें आपके प्रोफिट का मार्जिन बढ़िया होगा।
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