नयी दिल्ली। रिटर्न की स्थिरता और सुरक्षा के कारण जोखिम से बचने वाले निवेशक बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को पसंद करते हैं। एफडी आपके पोर्टफोलियो को अवधि के मामले में स्थिरता देती है। आपका पैसा एक लंबे समय के लिए लॉक हो जाता है। यदि जरूरी हो तो आप एफडी से पैसा नहीं निकाल सकते। यदि आपने ऐसा किया तो चार्ज लगेगा। पिछले कुछ समय में ब्याज दरें घटी हैं, जिससे एफडी पर मुनाफा कम हुआ है। ब्याज दरों में गिरावट के बावजूद जानकार पोर्टफोलियो में एफडी को शामिल करने की सलाह देते हैं। मगर ये भी कहा जा रहा है निवेश से पहले बैंक की फाइनेंशियल स्थिती की जांच-परख करनी चाहिए। साथ ही आपको ब्याज दरों की भी तुलना करनी चाहिए। यहां हम आपको बताएंगे कि एफडी में निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही हम जानेंगे कि एक साल में एफडी पर 70000 रु ब्याज हासिल करने का तरीका।
बता दें कि बैंक आम तौर पर सामान्य नागरिकों के मुकाबले वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज देते हैं। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं और कोई बैंक आपको एक साल की एफडी पर 7 फीसदी ब्याज दे तो आप 10 लाख रु के निवेश पर सिर्फ 12 महीनों में 70000 रु का ब्याज हासिल कर सकते हैं। सामान्य नागरिकों को भी एक साल की एफडी पर इतनी ही ब्याज दर मिले तो वो भी 10 लाख रु लगा कर एक साल में 70000 रु का ब्याज कमा सकते हैं।
एक साल की अवधि पर प्राइवेंट बैंकों में अधिक ब्याज मिल रहा है। इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक वरिष्ठ नागिरकों को एक साल की एफडी पर 7 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं, जबकि सामान्य नागरिकों को इस अवधि में 6.5 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। यस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 6.75 फीसदी, डीसीबी बैंक 6.55 फीसदी और बंधन बैंक 6.5 फीसदी ब्याज दे रहा है। ये तीनों बैंक सामान्य नागरिकों को क्रमश: 6.25 फीसदी, 6.05 फीसदी और बंधन बैंक 5.75 फीसदी ब्याज दे रहे हैं।
सरकारी बैंक इस समय 1 साल की एफडी पर प्राइवेट बैंको की तुलना में कम ब्याज दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया सामान्य नागरिकों को 5.25 फीसदी और वरिष्ठ नागिरकों को 5.75 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है। इसी तरह पंजाब एंड सिंध बैंक 5.25 फीसदी और 5.75 फीसदी, यूनियन बैंक भी 5.25 फीसदी और 5.75 फीसदी, केनरा बैंक 5.2 फीसदी और 5.7 फीसदी और इंडियन ओवरसीज बैंक 5.15 फीसदी और 5.65 फीसदी ब्याज दर ऑफर कर रहा है।
किसी एफडी को सिर्फ अधिक ब्याज दर के कारण न चुनें। ऐसे कई पहलू हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे कि बैंक या कंपनी की रेटिंग। 'ए' रैंकिंग वाली योजनाओं का चयन करें। यदि आप कंपनी एफडी में पैसा लगाना चाहते हैं तो आईसीआरए और क्रिसिल जैसी कंपनियों से मिले स्कोर पर ध्यान दें।
आप जिस अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं वह भी आपके निवेश के रिटर्न को तय करने वाला एक अहम फैक्टर है। यदि आप मिलने वाले ब्याज सहित एफडी राशि को फिर से निवेश करते हैं तो आपको अपनी जमा राशि पर अधिक लाभ मिलेगा।
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