नई दिल्ली: किसानों के लिए बड़ी खबर है। तो अगर आप किसान है तो इस खबर को जरूर पढ़ें। मॉनसून का आगाज अच्छा हुआ है। देश में मॉनसून के दस्तक देने के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई शुरू हो चुकी है। सरकार ने खरीफ फसलों के बीमा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कृषि विभाग ने अपने संदेश में कहा है कि कुदरती आपदाओं से सुरक्षा के लिए किसान अपनी फसलों का बीमा जरूर कराएं। ज्यादातर राज्यों में खरीफ-2020 के लिए बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तो आप भी अगर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो 31 जुलाई 2020 से पहले बैंक शाखा को सूचित करें।
फसलों का बीमा स्वैच्छिक है। यानी फसल का बीमा कराना किसान की मर्जी पर है। हर साल बाढ़, आंधी, ओले, तेज बारिश या फिर सूखा से बड़ी संख्या में किसानों की फसल फसल खराब हो जाती है। फसलों को कुदरती कहर से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) शुरू की हुई है। इस योजना को 13 जनवरी, 2016 को शुरू किया गया था। भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) इस योजना को चलाती है।
- आप किसान हैं और आप अपनी फसल का बीमा कराना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी कागजातों की जरूरत होती है। इनमें किसान का पहचान पत्र जैसे-पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पते के प्रूफ के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट या आधार कार्ड का इस्तेमाल करें।
- खेत का खसरा नंबर / खाता नंबर की फोटो कॉपी की जररूत पड़ती है।
- अब खेत में फसल की बुआई का सबूत देना होगा।
- इसके लिए गांव के सरपंच या पटवारी से लैटर लिखवा सकते हैं।
- तमाम कागजों के साथ एक कैंसिल चैक की जरूरत होती है।
- जो भी किसान अपनी फसल का बीमा कराना चाहते हैं वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की ऑफिशियल वेबसाइट pmfby.gov.in पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर खुद ही फसल का बीमा करा सकते हैं। किसान अपने नजदीक के बैंक जाकर भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।
- फसल की बुआई के 10 दिन के अंदर आपको बीमा पॉलिसी लेनी होगी।
- फसल कटने के 14 दिन के भीतर हुए नुकसान की भरपाई बीमा योजना में होती है।
- कुदरती कहर की वजह से हुए नुकसान की स्थिति में ही बीमा का फायदा मिलेगा।
- फसल के नुकसान की स्थिति में तुरंत बैंक को सूचना देनी होगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। बीमा योजना में कॉमर्शियल और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसमें हालांकि किसानों को 5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले खुद ही आ जाते हैं बीमा के दायरे में
जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड से फसली कर्ज लिया हुआ है, उनकी फसल खुद ही बीमा के दायरे में आ जाती है। बाकि किसान अपनी मर्जी के मुताबिक फसल का बीमा करा सकते हैं। जन सेवा केंद्रों पर भी फसल का बीमा कराया जा सकता है।
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