नई दिल्ली: कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए पूरे देश को 14 अप्रैल तक 'लॉक डाउन' कर दिया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने लॉकडाउन के दौरान अंशधारकों को प्रोविडेंट फंड का क्लेम जल्द पाने का फॉर्मूला बताया है। बता दें कि ईपीएफओ ने अपने सदस्यों को ये जानकारी दी हे कि अगर आपने पहले किसी किसी क्लेम के लिए आवेदन किया है जिसका अब तक निपटान नहीं हुआ है तो जल्द क्लेम पाने के लिए आप कोविड 19 के अंतर्गत ऑनलाईन क्लेम फाईल करें। इस तरह क्लेम फाइल करने पर आपको जल्द क्लेम मिल सकेगा।
ईपीएफओ ने कहा है कि हम अन्य दावों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन लॉकडाउन के कारण इन्हें निपटाने में अधिक समय लग रहा है। कोविड 19 के तहत क्लेम करने के लिए आपको सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां पर जा कर आपको ऑनलाइन क्लेम का विकल्प मिलेगा जस पर क्लिक करना होगा। क्लिक करते ही आपके सामने कुछ विकल्प आएंगे। इन विकल्पों में आपको Advance claim for outbreak of pandemic विकल्प मिलेगा। इसपर क्लिक कर करके आप कोविड 19 के तहत जल्द क्लेम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अब तक ईपीएफओ ने इतने क्लेम निपटाए
ईपीएफओ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने लॉकडाउन के दौरान अंशधारकों को राहत देने के लिए 280 करोड़ रुपये के 1.37 लाख निकासी दावों का निपटान किया है। वहीं श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा कि बंदी के दौरान ईपीएफओ ने 279.65 करोड़ रुपये के 1.37 लाख पीएफ दावों का निपटान किया है। इन दावों का निपटान नए प्रावधान के तहत किया गया है। बता दें कि कोविड-19 संकट के दौरान अंशधारकों को राहत के लिए ईपीएफ योजना में संशोधन के जरिये यह प्रावधान किया गया है।
जानिए कितना मिल रहा है कलेम
वहीं बयान में कहा गया है कि अंशधारकों को उनके द्वारा की गई निकासी का पैसा मिलना शुरू हो गया है। ईपीएफओ ने पिछले दस दिन में इन दावों का निपटान किया है। ईपीएफओ ने कहा कि उसके सिस्टम में पूरी तरह से अपने ग्राहक को जानिये (केवाईसी) अनुपालन वाले अंशधारकों के दावों का निपटान तीन दिन से कम के समय में किया जा रहा है। कोविड-19 संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत ईपीएफ से विशेष निकासी का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत 28 मार्च, 2020 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना के जरिये ईपीएफ योजना में पैरा 68 एल (3) डाला गया है।
इस प्रावधान के तहत तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर या ईपीएफ खाते में सदस्य के खाते में पड़ी राशि के 75 प्रतिशत के बराबर, जो भी कम हो निकासी की सुविधा दी जाती है। अंशधारक को इस राशि को लौटाने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि सदस्य कम राशि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यह अग्रिम के रूप में होगा। इस पर इनकम टैक्स की कटौती नहीं की जाएगी।
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