नयी दिल्ली, अगस्त 10। हममे से बहुत सारे लोग नौकरी छोड़ कर अपना बिजनेस शुरू करने की सोचते हैं। मगर बहुत कम ही लोग बिजनेस की शुरूआत कर पाते हैं। बिजनेस शुरू करने से पहले अधिकतर लोगों के मन में असफलता का डर बना रहता है। जब कोई बिजनेस शुरू करता हैं तो उसके सामने कई चुनौतिया सामने आती है। यदि आप भी अपना बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं या फिर आपका पहले से ही अपना कोई बिजनेस है तो उसे कम लागत में ही और बेहतर करने का तरिका हम आपको आज बताएंगे।
इस समय भारत में यूरोप और अमरीका की तमाम स्टार्टअप कंपनियां को-मार्केटिंग पर जोर दे रही हैं। बीते कुछ सालों से को-मार्केटिंग का तरीका काफी पसंद किया जा रहा है। इसकी वजह है कि यह कम खर्च में ही हो जाता है। आप को-मार्केटिंग के जरिए कम लागत में बढ़िया नतीजे पा सकते हैं। भारत में केवल 2 फीसदी स्टार्ट-अप ही को-मार्केटिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। आइए जानते हैं की आखिर क्या होती है को-मार्केटिंग।
को-मार्केटिंग एक तरह की बिजनेस डील है, जो दो कंपनियों के मध्य होती है। को मार्केटिंग के तहत दो या इससे ज्यादा कंपनियां एक दूसरे का कंटेंट और प्रोडक्ट की डिटेल अपने प्लेटफॉर्म्स पर पेश करती हैं। ये एक तरह का प्रमोशन है, जो आप अपने प्लेटफॉर्म पर दूसरी कंपनी के लिए करते हैं। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर आपके बिजनेस को प्रमोट करती है। कंपनियों के बीच डिटेल्स का आदान-प्रदान किया जाता है।
को-मार्केटिंग के लिए पार्टनर का चुनाव करना अहम है। एक जैसे सेक्टर के स्टार्टअप या कंपनियां को-मार्केटिंग डील कर सकती हैं। मगर एक जर्मन बिजनेस स्कूल के सर्वे में सामने आया कि दो ऐसे पार्टनर्स को को-मार्केटिंग करनी चाहिए जिनके ग्राहक दोनों के प्रोडक्ट या सेवाओं का इस्तेमाल करते हों। उदाहरण के लिए एक कार और एक टायर कंपनी।
समझौते पर दे ध्यान
को-मार्केटिंग के लिए आपको समझौता करना पड़ेगा। इसके लिए आपको उन चीजों शेयर करना होगा जो बिजनेस के लिए जरूरी है। को-मार्केटिंग का टाइम, किन चीजों को शेयर किया जाना है, उसकी डिटेल, ट्रेनिंग आदि पर अच्छी तरह से विचार करें। आप या आपका पार्टनर एग्रीमेंट के बाद कोई अन्य प्रोडक्ट लाएगा तो ये पहले से तय कर लें कि उसे इस एग्रीमेंट में शामिल किया जाएगा या नहीं।
मार्केटिंग में कंटेंट को सबसे जरूरी माना जाता है। क्योंकि ये आपके टार्गेट ऑडियंस तक प्रोडक्ट की बात पहुचाता है। आप अपने बिजनेस पार्टनर के साथ बैठकर इस टॉपिक पर प्लानिंग कर सकते हैं। को-मार्केटिंग में आप अपने पार्टनर को भी फायदा पहुंचाते हैं और आपको भी फायदा मिलता है। इसी से आपकी लागत कम होती है। आने वाले समय में को-मार्केटिंग का बड़े स्तर पर विस्तार हो सकता है। इसलिए अगर आप अपना बिजनेस शुरू कर चुके हैं या करने जा रहे हैं तो अपने को-मार्केटिंग पार्टनर ढूंढने में जल्दी कीजिए।
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