नई दिल्ली: कोरोनावायरस के कराण भारत समेत दुनियाभर में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कह दिया है। इसके लिए एक अच्छा वाई-फाई कनेक्शन होना बेहद जरूरी है। घर से काम करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत एक अच्छे वाईफाई नेटवर्क की होती है। बिना मजबूत वाईफाई कनेक्शन ने किसी व्यक्ति का बिना दिक्कत घर से काम कर पाना मुश्किल है।
सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि कौन सी प्लान में बेहतर कनेक्शन मिल सकता है। आपके घर के निकट कौन सी कंपनी की अच्छी कनेक्शन मिलती है। इस तरह आप बेहतर प्लान का विकल्प चुने। वहीं ये भी देखा गया है कि अच्छे प्लान वाले कनेक्शन लेने के बाद भी सिग्नल खराब रहती है। ऐसे में काफी समस्या से जूझना पड़ता है। तो अगर आपके साथ भी ऐसी परेशानी आ रही हो। यदि आपके भी वाईफाई की स्पीड स्लो है तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इसके चलते ऑफिस का काम भी ठीक से नहीं कर पाते हैं। तो चलिए हम आपको बताते है कि वाई-फाई की स्पीड को बेहतर कैसे सही किया जा सकता है।
- अगर आपके वाई-फाई से अन्य डिवाइसेज भी कनेक्टेड हैं जिनकी जरूरत फिलहाल नहीं है तो उन्हें वाई-फाई से स्कनेक्ट कर दें। इससे बेकार की बैंडविथ खपत कम होगी।
- वाई-फाई राउटर्स को दिवार या इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज से दूर रखें।
- दिवार या इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज के पास राउटर रखऩे से वाई-फाई के सिग्नल ब्रेक होता है और आपकी बेहतर स्पीड नहीं मिल पाती है।
- इसलिए राउटर को हमेशा खुली जगह रखे। साथ ही अगर संभव हो तो इसे रेफ्रिजरेटर जैसे मेटल समान से दूर रखें।
- अगर आप ड्यूल-बैंड राउटर इस्तेमाल कर रहे हैं जो 2.4 गीगहर्ट्ज और 5 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर काम करत है।
- ऐसे में आप अपनी डिवाइस को केवल एक फ्रीक्वेंसी पर कनेक्ट करें।
- इससे आपकी ओवरऑल वाई-फाई स्पीड को ठीक करने में मदद करेगी और दूसरी डिवाइस के इंटरफ्येरेंस को भी कम करेगी।
- अगर आपके राउटर में एलएएन केबल है तो आप बेहतर स्पीड के लिए एलएएन केबल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- वहीं ड्यूल-बैंड राउटर में आप 2.4 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी का चुनाव कर सकते हैं।
- इससे ज्यादा रेंज में भी सिग्नल स्ट्रेंथ अच्छी मिलती है। जहां आपका लैपटॉप या वर्क डिवाइस है और इससे आपका राउटर 10 फीट की दूरी पर है तो आपके लिए 2.4 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी का राउटर बेहतर रहेगा।
- वाई-फाई डेड-जोन का पता लगाने के लिए आप थर्ड पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पता लगने से आपको उन जगहों का पता चलता है जहां वाई-फाई ठीक काम नहीं कर रहा है।
- रीपीटर्स और एक्सटेंडर्स का इस्तेमाल वाई-फाई कवरेज के लिए किया जा सकता है।
देशभर में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। इस वायरस के कारण आज कई लोग प्रभावित हुए हैं। हर रोज रिकॉर्ड संख्या में नए केस सामने आ रहे हैं और मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ो के मुताबिक संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 415 हो चुके हैं। वहीं वायरस से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत सरकार अपनी तरफ से इस पर लगाम लगाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। भारत के कई शहरों में लॉकडाउन की स्थिति है। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए देश कई राज्यों और करीब 100 से ज्यादा शहरों 31 मार्च में लॉकडाउन कर दिया गया है। लॉकडाउन में ट्रांसपोर्ट सेवाएं, दफ्तर, दुकानें बंद रहेंगी। सिर्फ दवा, ग्रॉसरी, सब्जियों, अस्पताल, टेलिकॉम जैसी जरूरी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब से लेकर केरल तक सभी राज्यों ने कोरोना के बढ़ते मामले सामने आने के बाद अपने-अपने स्तर पर कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 22 मार्च को 14 घंटे के ‘जनता कर्फ्यू' की अपील का असर व्यापक रूप से रहा। इसके बाद भी यूपी, गोवा, दिल्ली समेत कई राज्यों में लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दी गई है।
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