नई दिल्ली: आज देशभर में धूमधाम के साथ होली का त्योहार मनाया जा रहा है। होली खेलते वक्त लोगों को अपनी जेब में रखे नोटों का ध्यान नहीं रहता, जिस कारण नोटों पर रंग लग जाते हैं या फिर गंदे हो जाते हैं। ऐसे में तो कुछ दुकानदार इसे लेने से इनकार कर देते हैं। दरअसल लोगों को आशंका होती है कि ये नोट चलेंगे नहीं। रंग लगे नोटों को बाजार में चलाना मुश्किल हो जाता है। तो अगर आपके भी नोट में रंग लग गया है या फिर कोई नोट फट गया है, तो आप इन नोटों को आसानी से बैंक में जाकर बदलवा सकते हैं। क्योंकि कोई भी बैंक इन नोटों को बदलने से इनकार नहीं कर सकता है। हालांकि अगर आपने नोटों को लेकर कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपका 500 और 2,000 रुपए का नोट भी रद्दी हो सकता है।
आपके पास मौजूद ये नोट एकदम नए और असली होंगे। इन्हें जारी भी भारतीय रिजर्व बैंक ने ही किया होगा, लेकिन एक गलती इन्हें रद्दी बना देगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने साल 2017 में एक सर्कुलर जारी किया था। यह सर्कुलर इस बारे में था कि बैंक कौन से नोटों को स्वीकार कर सकते हैं और कौन से नहीं। सर्कुलर के मुताबिक अगर किसी भी नोट पर कोई राजनीतिक स्लोगन लिखा हो, तो वह नोट अस्वीकार्य होगा। उसे कोई भी बैंक मान्य नहीं करेगा। आरबीआई ने अपने सर्कुलर में साफ कहा है कि ऐसे नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। इसका मतलब है कि ऐसे नोट देश का कोई भी बैंक मान्य नहीं करेगा। ये पूरी तरह से रद्दी बन जाएंगे। फिर चाहे उनकी वैल्यू कितनी ही ज्यादा क्यों न हो।
भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, कोई भी बैंक रंग लगे नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है। हालांकि इसके साथ ही उसने लोगों को हिदायत दी कि वे नोटों को गंदा न करें। बता दें कि आरबीआई के नियमों के मुताबिक, नोट पर कुछ लिखा है तो वह मान्य तो है। लेकिन अगर उसपर लिखा संदेश राजनीति से प्रेरित लगा तो उसे लीगल टेंडर नहीं माना जाएगा।
- अगर आपके पास मौजूद नोट मटमैला हो गया है या फिर फट गया है, लेकिन उस पर सभी जरूरी जानकारी नजर आ रही है, तो बैंक ऐसे नोट को बदलने से इनकार नहीं कर सकते।
- सर्कुलर के मुताबिक बैंकों को ऐसे भी नोट बदलने होंगे, जो दो हिस्सों में फट गए हैं, लेकिन नोटों पर जरूरी जानकारी मौजूद है। बैंकों को उन नोटों को भी स्वीकार करना होगा, जो चिपकाए गए हों।
- आरबीआई के नियमों के मुताबिक, तीन तरह के नोटों को बदला जा सकता है।
- पहले वह जिसका धुलाई या कई लोगों के बीच घूमने की वजह से रंग उड़ गया।
- दूसरे वह जो फट गए हैं और उनके टुकड़े मौजूद हैं।
- तीसरे वह जो मिस मैच वाले हैं।
- मतलब दो अलग-अलग टुकड़े जोड़कर गलत प्रिंट वाला नोट बन गया है।
- बहुत ही बुरी स्थिति वाले नोट, जिनका नंबर पढ़ा जाना संभव न हो उसे बैंक बदलने से मना भी कर सकता है।
बता दें कि कुछ स्थितियों में नोटों को बदला नहीं जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, बुरी तरह जले हुए, टुकड़े-टुकड़े होने की स्थिति में नोटों को नहीं बदला जा सकता। इस तरह के नोटों को आरबीआई के इश्यू ऑफिस में ही जा सकता। साथ ही जिन नोटों पर नारे या राजनैतिक संदेश लिखे हों, उन्हें भी बतौर मुद्रा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। बता दें कि यदि बैंक अधिकारी को लगता है कि आपने जानबूझ कर नोट को फाड़ा या काटा है, तो वह आपकी मुद्रा बदलने से इनकार कर सकता है।
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