नई दिल्ली: अगर आप भी अपना रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरुरी है। केंद्र सरकार ने हाल ही में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। महामारी के प्रकोप कारण करदाताओं को राहत प्रदान करने हुए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न फाइल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई है। ITR : ऐसे रिकवर करें अकाउंट पासवर्ड, आसान है तरीका ये भी पढ़ें
समयसीमा के बढ़ने से करदाता को अपना आयकर रिटर्न भरने के लिए और समय मिल गया है। आइटीआर दाखिल करना एक महत्वपूर्ण वित्तीय काम है। हालांकि एक करदाता को आईटीआर दाखिल करते समय कुछ गलतियों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। तो चलिए हम अपने खबर के जरिए आपको बताते है कि आईटीआर फाइल करते वक्त किन गलतियों से बचना चाहिए।
टैक्स भरते हैं तो अपनी इनकम की कैलकुलेशन सही तरीके से नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण हमें नुकसान उठाना पड़ता है। सही कैलकुलेशन करने के लिए आपको ई-फाइलिंग के दौरान फार्म में सभी कॉलम सावधानी से भरने होंगे। अगर कंप्यूटर में दिया गया रिजल्ट आपके दिए गए आंकड़ो से मेल नहीं खाता है तो आप दी गई डिटेल्स को दोबारा चेक जरूर कर लें।
इसके अलावा कई बार डिटेल्स पर ध्यान न देने के की वजह से रिटर्न फॉर्म भी रद्द हो जाता है। ये ध्यान रखें कि आपके 26 एएस फॉर्म में आपकी इनकम पर जो टीडीएस के आंकड़े दिए गए हैं वही आपने आईटीआर फॉर्म में भरे गए हों।
रिटर्न करने के बाद में ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराना भी बहुत जरूरी होता है क्योंकि जब तक आपका रिटर्न वेरिफाई नहीं जाता तब तक रिटर्न का प्रोसेस अधूरा ही रहता है। आपको बता दें कि टैक्सपेयर्स के पास रिटर्न को वैरीफाई करने के लिए दो तरीके होते हैं। पहला या तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद इसकी वेरिफिकेशन रसीद आप 120 दिनों के भीतर सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बेंगलुरू को भेज दें। इसके अलावा अपने रिटर्न को ऑनलाइन वेरीफाई करने का आसान तरीका भी है, जिसे आप नेट बैंकिंग, डीमैट अकाउंट, आधार नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स से कर सकते हैं।
आप इस बात से पूरी तरह अवगत होंगे कि इस साल आयकर विभाग ने आईटीआर फार्म में कई तरह के बदलाव किए हैं। आईटीआर फार्म भी अलग-अलग तरह के होते हैं, उसमें अपने फार्म को सिलेक्ट करना है। कारोबारियों के लिए अलग से फॉर्म होता है। बतौर टैक्सपेयर आपको फॉर्म में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए ई-फाइलिंग करनी है। गतली होने पर आपका फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा और इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भी भेज देगा।
- सभी डेटा सीधे ऑनलाइन ई-फाइलिंग पोर्टल पर भरकर सबमिशन
- www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
- यूजर आईडी (पैन), पासवर्ड, जन्मतिथि और कैप्चा कोड एंटर कर लॉग इन करें।
- ‘e-File' टैब पर जाएं और इनकम टैक्स रिटर्न लिंक पर क्लिक करें।
- उपयुक्त आईटीआर फॉर्म, आकलन वर्ष, फाइलिंग टाइप जैसे ओरिजिनल/रिवाइज्ड रिटर्न और सबमिशन मोड में प्रिपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन चुनें।
- कंटीन्यू बटन पर क्लिक करें। सभी दिशानिर्देशों को ध्यान से पढ़ने के बाद आईटीआर फॉर्म में ऑनलाइन सभी जानकारियों को भरें।
- सेशन टाइम आउट के कारण भरी गई आईटीआर डिटेल्स का लॉस न हो जाए, इसके लिए बीच-बीच में सेव ड्राफ्ट बटन पर क्लिक करते रहें।
- टैक्स पेड एंड वेरिफिकेशन टैब में उपयुक्त वेरिफिकेशन विकल्प चुनें, इनमें आईटीआर ई-वेरिफाई करना, फाइलिंग के 120 दिनों के अंदर ई-वेरिफाई करना, पोस्ट के जरिए आईटीआर-वी भेजकर वेरिफिकेशन शामिल हैं। अपनी इच्छानुसार वेरिफिकेशन करने या न करने के बाद प्रिव्यू एंड सबमिट बटन पर क्लिक करें। अंत में आप आईटीआर सबमिट करें।
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