नयी दिल्ली। किसी को भी फ्यूचर में आने वाली कई जरूरतों के लिए प्लानिंग करनी पड़ सकती है, जिनमें रिटायरमेंट भी शामिल है। ये जरूरी भी है कि आप समय से पहले रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग करें। बुनियादी जरूरतों, जैसे कार खरीदना, घर खरीदना आदि, को पूरा करने के लिए एक निश्चित और समयबद्ध तरीके से प्लानिंग बहुत अहम है। जहां तक रिटायरमेंट की तैयारी का सवाल है तो इसमें कई फैक्टर शामिल हो सकते हैं। इनमें निवेश की जाने वाली धनराशि, निवेश की अवधि और चुना गया निवेश ऑप्शन शामिल हैं। मगर रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय ज्यादातर लोग अक्सर बड़ी गलती कर बैठते हैं। इससे रिटायरमेंट प्लानिंग को झटका लग सकता है। यहां हम कुछ उन सामान्य गलतियों की जानकारी देंगे, जिनसे आपको रिटायरमेंट की तैयारी करने समय जरूर बचना चाहिए।
अक्सर लोग अपने रिटायरमेंट के लिए अलग से कुछ भी बचत नहीं करते हैं। उन्हें लगता है कि ईपीएफ और बीमा जैसे बेनेफिट काफी होंगे। हालांकि इससे रिटायरमेंट के बाद की सभी जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। आपको अपने रिटायरमेंट के लिए प्लान बनाने की जरूरत है। अपनी इनकम का छोटा ही सही मगर कुछ हिस्सा अलग किसी ऑप्शन में जमा करते रहें।
निवेश प्लान के बिना बचत सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। आपको अपने रिटायरमेंट को बाकी लक्ष्यों से अलग रख कर निवेश करना चाहिए। इसके लिए किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लें, जो एक लक्ष्य-आधारित योजना तैयार करेगा। इससे आपको भविष्य में आराम से जीवन बिताने की सुविधा मिलेगी।
अपने रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू में देरी करना एक और गलती है। बाकी जरूरतों के साथ-साथ रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग को भी एक जरूरत समझें। बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए आपको ये जल्दी शुरू करना होगा। लंबे समय में ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
स्थिर आय नहीं होने पर कर्ज होना एक गंभीर चिंता का विषय है। अपनी जरूरत के हिसाब से जीएं और बुनियादी जरूरतों, जैसे होम लोन के लिए, के लिए ही लोन लें। मगर लोन लेते समय ये सुनिश्चित करें कि आप कैसे ईएमआई चुकाएंगे। और कोशिश करें कि रिटायर होने से पहले ही कर्ज मुक्त हो जाएं।
जब आप युवा हों और निवेश शुरू करें तो डेब्ट में निवेश न करें। बल्कि इक्विटी में पैसा लगाएं। ये आयु जोखिम लेने की होती है। जैसे-जैसे आपकी आयु बढ़ेगी आपकी जोखिम लेने की क्षमता कम होती ली चली जाएगी। इसलिए युवा रहते हुए ही जोखिम लें। निवेश करने का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से प्रोडक्ट की डिटेल लें। जैसे कि लॉक-इन अवधि, जोखिम का स्तर, अपेक्षित रिटर्न आदि।
नकदी की आवश्यकता होने पर कई लोग अपने रिटायमेंट फंड से पैसा निकालने का विकल्प चुनते हैं। उन्हें लगता है कि फिलहाल इस पैसे की जरूरत है। बाद में फिर से प्लानिंग कर ली जाएगी। मगर ये तरीका गलत है। जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो जाए, अपने रिटायरमेंट को छूने से बचें। इसके बजाय एक अलग इमरजेंसी फंड बनाएं।
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