वित्त वर्ष 2026 के ताजा आंकड़े निवेश की दुनिया में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। अब भारतीय निवेशक रेगुलर के बजाय डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। नए फोलियो (folios) जोड़ने के मामले में डायरेक्ट प्लान्स ने रेगुलर ऑप्शंस को पीछे छोड़ दिया है। यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि लोग अब कम खर्च वाले निवेश के तरीकों को पसंद कर रहे हैं और अपने फाइनेंशियल फ्यूचर पर खुद कंट्रोल रखना चाहते हैं।

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निवेशक अब कमीशन-आधारित मॉडल से तेजी से दूरी बना रहे हैं। डायरेक्ट प्लान्स में कोई डिस्ट्रीब्यूशन फीस या एजेंट कमीशन नहीं देना पड़ता। इसका सीधा फायदा कम 'एक्सपेंस रेशियो' के रूप में मिलता है। लंबे समय में यही छोटी-छोटी बचत आपके कुल रिटर्न को काफी बढ़ा देती है। यानी, आपकी मेहनत की कमाई बिचौलियों के पास जाने के बजाय सीधे आपके खाते में रहती है।

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डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड: खर्चों का अंतर समझें

डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के बीच चुनाव आपकी समझ और सुविधा पर निर्भर करता है। रेगुलर प्लान में आपको एजेंट की सलाह तो मिलती है, लेकिन इसके लिए ज्यादा फीस चुकानी पड़ती है। नए निवेशकों के लिए शुरुआत में यह गाइडेंस मददगार हो सकती है, लेकिन जो निवेशक खुद रिसर्च करना जानते हैं, वे सालाना करीब 1% तक की फीस बचा सकते हैं। 10 साल या उससे ज्यादा समय के निवेश में यही बचत एक बड़ी रकम बन जाती है।

खासियतडायरेक्ट म्यूचुअल फंडरेगुलर म्यूचुअल फंड
कमीशनकोई नहींफंड द्वारा भुगतान
एक्सपेंस रेशियोकमज्यादा
सपोर्ट का प्रकारखुद मैनेज करनाब्रोकर की मदद

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में स्विच करते समय बरतें ये सावधानियां

रेगुलर से डायरेक्ट प्लान में स्विच करना फायदेमंद है, लेकिन इसके लिए सही प्लानिंग जरूरी है ताकि आप छिपे हुए खर्चों से बच सकें। पैसा ट्रांसफर करने से पहले 'एग्जिट लोड' (exit load) जरूर चेक करें। साथ ही, रेगुलर फंड यूनिट्स बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स भी लग सकता है। आजकल डिजिटल सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की वजह से डायरेक्ट एसेट्स को मैनेज करना काफी सुरक्षित हो गया है, जिससे आपकी जमा-पूंजी पूरी तरह सेफ रहती है।

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नए निवेशकों को SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए छोटी शुरुआत करनी चाहिए। इससे रिस्क कम होता है और बचत की आदत भी पड़ती है। हालांकि डायरेक्ट प्लान में पैसे की बचत होती है, लेकिन यहां आपको बिना किसी एडवाइजर के खुद को अनुशासित रखना होगा। एक सुरक्षित भविष्य के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर फोकस करें। आज उठाए गए ये छोटे कदम कल आपकी बड़ी वेल्थ बनाने में मदद करेंगे।