नई दिल्ली: अगर आप टेलिविजन, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर या स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो जल्द खरीद ले क्योंकि मार्च से कीमतों में वृद्धि हो सकती है। बता दें कि कोरोना वायरस आउटब्रेक के चलते चीन में हेल्थ इमरजेंसी लागू है, जिसका असर वहां की इंडस्ट्री पर पड़ने लगा है। कई शहरों में अलग अलग सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के प्लांट कुछ दिनों के लिए बंद हो गए हैं।
दुनिया के कई देशों की इंडस्ट्री पर असर पड़ना शुरू
इससे ग्लोबल स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह से बाधित हो रहा है। ऐसे में कोरोना के चलते दुनिया के कई देशों की इंडस्ट्री पर असर पड़ना शुरू हो चुका है, खासतौर से जिन देशों की घरेलू इंडस्ट्री जरूरी कंपोनेंट का चीन से आयात करती हैं। जानकारों की मानें तो सप्लाई चेन अगर इसी तरह से बाधित रही तो देश की कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री पर बड़ा असर हो सकता है। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में टीवी, एसी, फ्रिज और मोबाइल के दाम बढ़ सकते हैं।
मालूम हो कि कंज्यूमर ड्येरेबल सेग्मेंट में घरेलू कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग के लिए कई जरूरी कम्पोनेंट चीन से आयात करती हैं। लेकिन वहां प्रोडक्शन बंद होने से आयात नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कंपनियों की इन्वेंट्री भी अब कमजोर होने लगी है। ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल के अनुसार बड़ी वोल्टास, एलजी, डायकिन जैसी बड़ी कंपनियों के पास अच्छी खासी इन्वेंट्री होती है, लेकिन कई छोटी और मझोली कंपनियों की इन्वेंट्री मजबूत नहीं होती है। ऐसे में अब उनकी इन्वेंट्री खत्म होने लगी है। हालात ऐसे ही रहें तो उन कंपनियों को भी प्रोडक्शन घटाना पड़ेगा, जिससे कीमतों में इजाफा देखा जा सकता है। बता दें एलजी इंडिया होम अप्लाएंसेज के वाइस प्रेसिडेंट की माने तो अबतक की स्थिति कंट्रोल में हैं। प्रोडक्टर डिलिवर करने की बात करें तो इसमें अभी किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। हालांकि हमारी नजर कोरोना वायरस की स्थिति पर बनी हुई है और हम नजदीक से इसे मॉनिटर कर रहे हैं।
वहीं कंपनी के ही अन्य आफिशियल का कहना है कि हमारी कम्पोनेंट के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता 15 फीसदी से भी कम है, इसलिए स्थिति कंट्रोल में है। बता दें कि कोरोना के साइड इफैक्ट भारत में दिखने भी लगे हैं। भारत में अब एलईडी बल्ब और लाइट्स के दाम 10 फीसदी तक बढ़ने जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक लैम्प एंड कम्पोनेंट मैन्युक्चरर्स एसोसिएशन (ईएलसीओएमए) इंडिया का कहना है कि चीन में शटडाउन के चलते इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईएलसीओएमए के वाइस प्रेसिडेंट सुमित पदमाकर जोशी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट्स खासकर चिप की बड़े पैमाने पर कमी हो सगती है। भारत में बनने वाले एलईडी बल्ब के 60 फीसदी कम्पोनेंट (मैकेनिकल) की घरेलू सप्लाई होती है, जबकि 30 फीसदी जिनमें चिप समेत इलेक्ट्रानिक ड्राइवर्स की जरूरत पड़ती है, उनका आयात चीन के वेंडर्स से होता है। इनकी अब कमी हो गई है। इसके चलते लाइटिंग प्रोडक्ट्स की कीमतों में 8 से 10 फीसदी तेजी आ सकती है।
इतना ही नहीं हाल ही में आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने बयान दिया है कि कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में आईफोन की सप्लाई बाधित रहेगी। वहीं कंपनी का कहना है कि चीन में कंपनी के मैन्यूफैक्चरिंग पार्टनर का उत्पादन सुस्त पड़ गया है। बता दें कि कंपनी ने यह भी कहा है कि उत्पादन घटने से कंपनी का फाइनेंशियन मौजूदा तिमाही में कमजोर रह सकता है। बता दें कि घरेलू मोबाइल कंपनियां भी कई जरूरी कम्पोनेंट चीन से ही मंगाती हैं। ऐसे में देश में भी मोबाइल प्रोडक्शन पर असर पड़ सकता है।
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