नई दिल्ली, मार्च 4। मार्च वित्त वर्ष 2021-22 का आखिरी महीना है। मार्च न सिर्फ वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन होता है बल्कि यह कई वित्तीय कामों की भी डेडलाइन होती है। ऐसे में इस महीने में आपको कई जरूरी काम निपटाने हैं। अगर आप इन्हें करने से चूक जाते हैं तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन कामों में बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट से जुड़े कई काम शामिल हैं। कई महत्वपूर्ण पैसों से जुड़े कई डेडलाइन है जिसे आपको 31 मार्च से पहले निपटाना जरूरी है। ऐसे में आपको पैसों से जुड़े कामों को 31 मार्च से पहले निपटाना जरूरी है। जैसे- इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर), पैन और आधार कार्ड लिंक, बैंक खाता केवाईसी आदि। यहां हम आपको पांच ऐसे जरूरी काम बताते हैं, जो इस महीने आपको निपटा लेने चाहिए।
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आधार-पैन कार्ड लिंक करें- पैन कार्ड को आधार से लिंक कराना अनिवार्य है। पैनकार्ड को आधार से लिंक कराने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। अगर आपने 31 मार्च तक अपने पैन को आधार से नहीं जोड़ा तो यह अवैध (इनएक्टिव) हो जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के पास एक्टिव पैन नंबर नहीं है तो बैंक आपकी आय पर 20% की दर से टीडीएस काटेगा।
सेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए विलंबित आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 है। किसी वित्त वर्ष के लिए रिटर्न भरने की मूल समय सीमा खत्म होने के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जाता है। इसके लिए करदाता को 10 हजार रुपए पेनाल्टी देनी पड़ती है। रिवाइज्ड रिटर्न तक फाइल किया जाता है जब ओरिजिनल रिटर्न फाइल करते समय कोई गलती हो जाती है। बिलेटेड आरटीआर आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 139(4) के तहत फाइल किया जाता है। वहीं, रिवाइज्ड आरटीआर को सेक्शन 139(5) के तहत दाखिल किया जाता है। बिलेटेड रिटर्न 10 हजार रुपए की लेट फाइलिंग फीस के साथ 31 मार्च 2021 से पहले जमा किया जाना है।
अगर आप इनकम टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो आपको 31 मार्च तक निवेश करना होगा। इनकम टैक्स एक्ट के कई सेक्शन जैसे 80सी और 80D के तहत किए गए निवेश पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट ली जा सकती है।
अगर आपका पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) अकाउंट है, लेकिन इस वित्त वर्ष में इनमें पैसे नहीं डाल पाए, तो अकाउंट एक्टिव रखने के लिए इनमें कुछ रकम तो जरूर डाल दें। पीपीएफ और एनपीएस में पैसे नहीं डाले जाने पर ये अकाउंट्स इनएक्टिव हो जाएंगे। अगर न्यूनतम जरूरी रकम नहीं डाली, तो इन्हें दोबारा एक्टिव करवाने के लिए आपको जुर्माना देना पड़ेगा।
पहले बैंक खाता केवाईसी अपडेट कराने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 थी। महामारी को देखते हुए आरबीआई के केवाईसी अपडेट करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दिया था। केवाईसी के तहत ग्राहकों से उसके पैन कार्ड, पता जैसे आधार, पासपोर्ट आदि को अपडेट कराने के लिए बैंक कहता है। इसके साथ ही हालिया फोटोग्राफ और अन्य जानकारी भी मांगी जाती है। नियम के मुताबिक, अगर आपकी केवाईसी अपडेट नहीं है तो आपका बैंक खाता बंद हो सकता है। वहीं, अगर आपके डीमैट अकाउंट की केवाईसी नहीं होती है तो डीमैट अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। इससे आप स्टॉक मार्केट में ट्रेड नहीं कर पाएंगे। अगर कोई व्यक्ति किसी कंपनी का शेयर खरीद भी लेता है तो ये शेयर्स अकाउंट तक ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे। केवाईसी पूरा होने और वैरिफाई होने के बाद ही यह पूरा हो सकेगा।
स्टॉक्स और इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स पर 1 लाख रुपए, से ज्यादा के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस पर अब टैक्स लगता है। अगर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है तो आपके लिए 1 लाख रुपए तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का फायदा उठाने का यही मौका है। 31 मार्च से पहले इस हिसाब से प्रॉफिट बुक करें कि टैक्स छूट का लाभ मिल जाए। इसके लिए, आपको 31 मार्च से पहले उतने स्टॉक्स और इक्विटि फंड्स बेच देने चाहिए, जितने पर 1 लाख रुपए तक का लाभ मिल जाए। फिर इसी पैसे को अगले वित्त वर्ष में दोबारा इन्वेस्ट कर दें।
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