नई दिल्ली, अप्रैल 1। 1 अप्रैल यानी आज से नया वित्त वर्ष 2022-23 शुरू हो गया है। नए वित्तीय वर्ष से कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। जी हां एक तरफ पीएफ खाता और क्रिप्टोकरंसी पर टैक्स चुकाना होगा। वहीं होम लोन पर मिल रही अतिरिक्त छूट से हाथ धोना पड़ेगा। इसके अलावा एलपीजी के बढ़े रेट आपकी जेब पर बोझ बढ़ाएंगे। यही नहीं महंगाई के मोर्चे पर भी लोगों को बड़ा झटका लगा है। चलिए जानते है ऐसे ही कुछ बड़े बदलावों के बारे में जो सीधे तौर पर आपको प्रभावित करने वाले हैं।
सबसे पहले बात करेंगे एलपीजी की, तो हां एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी हो गए हैं। इस बार एलपीजी गैस सिलेंडर एक झटके में 250 रुपये महंगा हो गया है। हालांकि ये वृद्धि घरेलू एलपीजी सिलेंडर में नहीं बल्कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर में हुई है। इसलिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर ग्राहकों को फिलहाल राहत मिली है। बता दें कुछ दिन पहले ही घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े थे, जबकि 22 मार्च को ही कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ था। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट 6 अक्टूबर 2021 को बदले थे। जबकि कामर्शियल सिलेंडर के रेट घटते-बढ़ते रहे।
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए एक अप्रैल से भुगतान, चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य किसी भौतिक माध्यम से नहीं कर पाएंगे। म्यूचुअल फंड ट्रांजेक्शन एग्रीगेशन पोर्टल एमएफ यूटिलिटीज (एमएफयू) 31 मार्च 2022 से चेक-डिमांड ड्राफ्ट आदि के जरिए पेमेंट सुविधा को बंद करने जा रहा है। इसके बाद राशि जमा करने के लिए आपको सिर्फ यूपीआई या नेटबैंकिंग की सुविधा मिलेगी।
1 अप्रैल 2022 से जो सबसे बड़े बदलाव हो रहे हैं, उनमें सबसे अहम है पीएफ खाते पर टैक्स। दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स (25th Amendment) रुल 2021 को लागू करने का फैसला किया है। यानि ईपीएफ खाते में 2.5 लाख रुपये तक टैक्स फ्री योगदान का कैप लगाया जा रहा है। अगर इससे ऊपर योगदान किया, तो ब्याज आय पर टैक्स लगेगा। वहीं सरकारी कर्मचारियों के जीपीएफ में टैक्स फ्री योगदान की सीमा 5 लाख रुपये सालाना है।
सीबीआईसी (केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड) ने माल और सेवा कर (जीएसटी) के तहत ई-चालान (इलेक्ट्रॉनिक चालान) जारी करने के लिए टर्नओवर सीमा को पहले तय सीमा 50 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया है। यह नियम भी एक अप्रैल 2022 से लागू हो गया है।
डाकघर की मासिक आय योजना (एमआईएस), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) या डाकघर टर्म डिपॉजिट में निवेश से जुड़े नियम भी बदल गए हैं। इनमें ब्याज की राशि एक अप्रैल से नकद नहीं मिलेगी। इसके लिए आपको बचत खाता खोलना होगा। इसके अलावा जिन ग्राहकों ने अपने डाकघर बचत खाता या बैंक खाता को अपनी इन योजनाओं से लिंक नहीं किया है, उसे लिंक कराना जरूरी होगा। इसमें सीधे ब्याज का भुगतान होगा।
एक बड़ा बदलाव क्रिप्टोकरंसी पर लगने वाले टैक्स का है। बजट 2022-23 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी वर्चुअल डिजिटल एसेट या क्रिप्टो एसेट पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया था। इसके तहत अगर क्रिप्टो एसेट बेचने पर निवेशक को जो फायदा होगा उस पर उसे सरकार को टैक्स देना होगा। इसके साथ ही जब-जब कोई क्रिप्टो एसेट बेचा, तो उसकी बिक्री का एक फीसदी की दर से टीडीएस कटेगा।
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