नई दिल्ली: बैंक में अकाउंट खोलना आज के समय में हमारी जरूरत बन गई है। बैंक वाले भी आए दिन नए ग्राहकों को सेविंग अकाउंट खोलने के लिए लुभाते रहते हैं, क्योंकि इससे उन्हें बेहद कम ब्याज पर रकम जो मिलती है, लेकिन किसी बैंक में खाता खोलने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। 1 दिसंबर से बदल जाएंगे पैसों के लेनदेन से जुड़े ये जरूरी नियम, जान लें फायदे में रहेंगे ये भी पढ़ें
तो अगर आप बैंक में सेविंग अकाउंट खोलने के बारे में सोच रहे हैं, तो कुछ बातों के बारे में जान लें, फायदे में रहेंगे। सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी होता है। मिनिमम बैंलेंस हर बैंक का अलग-अलग होता है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मिनिमम बैलेंस का अंतर होता है। ऐसे में आपके पास कुछ ऐसे ऑप्शन हैं, जिसमें आपको मिनिमम बैलेंस के झंझट से छुटकारा मिल सकता है।
बता दें कि अगर आप एक सामान्य सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं, तो आपको मिनिमम बैंलेस रखना पड़ेगा। यह सीमा 2000 रुपये से लेकर 10,000 तक हो सकती है। अगर इस खाते में आप मिनिमम बैलेंस को मेंटेन नहीं कर पाता, तो बैंक आपके ऊपर जुर्माना लगा देता है।
जबकि अगर आप जीरो बैलेंस खाता खुलवाते है तो आपको उस अकाउंट पर ऐसा कोई नियम लागू नहीं होता। जीरो बैलेंस सेविंग्स अकांउट (बीएसबीडी) को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपोजिट अकाउंट (बीएसबीडीए) कहा जाता है। इसमें मिनिमम बैलेंस का कोई झंझट नहीं रहता।
लेकिन इसके साथ ही आपको बता दें कि इस तरह खाते की कुछ लिमिटेशन भी होती हैं। इस तरह के खाते से सामान्य खाते की तुलना में लेन-देन की सीमा काफी कम होती है। ऐसे में अगर आप बड़ी रकम का लेन-देन करने के लिए खाता खुलवाने जा रहे हैं, तो इस तरह का खाता आपके लिए फायदेमंद नहीं होगा। कुछ बैंकों में जीरो बैलेंस वाले खाताधारकों को पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड की सुविधाएं फ्री दी जाती हैं। हालांकि हर बैंक के अपने कुछ अलग नियम होते हैं। वहीं कुछ बैंकों में आपको अनलिमिटेड फ्री एटीएम के ट्रांजेक्शन का फायदा मिलता है। इसके साथ ही नेटबैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सेवाएं भी मुफ्त में दी जाती हैं।
अकाउंट खोलने के समय एक ऐसा बैंक चुनें जो आपको बचत खाते में जमा राशि पर ज्यादा ब्याज देता हो। वहीं कुछ बैंक आप के बचत खाते में जमा अधिक राशि को स्वत: ही फिक्स डिपॉजिट में ट्रांसफर करने की सुविधा भी देते हैं, जिससे आप को अच्छा खासा ब्याज मिल जाता है। इस रकम को आप कभी भी निकाल सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि एक बैंक से आप को सिर्फ इतना ही काम नहीं रहता कि नकद या चैक जमा कर दिया और वक्त पड़ने पर पैसा निकाल लिया। ऐसी कई सुविधाएं हैं, जिनकी आप को बैंक से अपेक्षा और जरूरत पड़ सकती है। जैसे अपने गहने आदि रखने के लिए लॉकर, डीमैट अकाउंट, एटपार चैक सुविधा, सोना या म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस एडवाइज, डेबिट या एटीएम कार्ड, क्रैडिट कार्ड। अपनी जरूरत के मुताबिक इन बातों की जानकारी अवश्य हासिल करें।
अकाउंट हमेशा ऐसे बैंक में खोलें जो आपके घर के पास हो, ताकि आसानी से पहुंचा जा सके। ऐसे बैंक में खाता खोलना आप के लिए नुकसानदायक ही होगा, जहां पहुंचने में काफी वक्त लगता हो या किराया खर्च होता हो। अकाउंट खोलने से पहले ये जान लें कि चेक की सुविधा लेने या मल्टीसिटी चैकबुक लेने पर खाते में न्यूनतम कितनी राशि रखनी पड़ेगी। न्यूनतम राशि से कम बैलेंस होने पर आप को काफी पैनल्टी देनी पड़ सकती है, ज्यादा बैलेंस की शर्त भी आप के लिए नुकसानदायक है क्योंकि बचत खाते में आप को बहुत कम ब्याज मिल जाएगा।
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