नई दिल्ली: फिक्स्ड डिपॉजिट एक सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट की तरह काम करता है, जिसमें एक तय अवधि में तय ब्याज के हिसाब से रिटर्न मिलता है। बैंकों का फिक्स्ड डिपोजिट बिल्कुल सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसके डूबने का कोई खतरा नहीं होता और इस पर एक निश्चित ब्याज तय होता है। इसलिए सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले निवेशक इस पर आंख मूंद कर विश्वास करते हैं। FD: ये 5 बैंक दे रहे हैं सबसे अच्छा ब्याज, तुरंत उठाएं फायदा ये भी पढ़ें
वहीं पैसों की सेविंग्स के लिए फिक्सड डिपॉजिट एक बेहतर ऑप्शन है। एफडी में आपको कई तरह के ऑप्शन मिलते हैं आप 6 महीने से लेकर के एक साल, दो साल, तीन साल कितने भी समय के लिए अपना पैसा लगा सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते है कि कॉरपोरट एफडी और बैंक एफडी दोनों में से आपको इस समय किस पर ज्यादा ब्याज मिल रहा है।
कॉर्पोरेट एफडी बहुत हद तक बैंक एफडी के समान है, लेकिन बैंक एफडी की तुलना में कॉर्पोरेट एफडी के मामले में जोखिम थोड़ा ज्यादा होता है। हालांकि मजबूत और ज्यादा रेटिंग वाली कंपनियों की एफडी में जोखिम कम होता है। यहां आमतौर मेच्योरिटी की अवधि 6 माह से 3 साल तक की होती है। कुछ कॉरपोरेट एफडी इससे भी लंबी अवधि के होते हैं। यह बिल्कुल उसी तरह से काम करती है, जैसे बैंक एफडी। इसके लिए फॉर्म कंपनी जारी करती है, जिसे आनलाइन भी भर सकते हैं। कॉरपोरेट एफडी में ब्याज दर बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा होती है। वहीं, बैंक एफडी बैंकों द्वारा जारी की जाती है। इसमें ब्याज दर औसत होती है। मेच्योरिटी की अवधि 7 दिन से 5 साल और 10 साल तक हो सकती है. इसमें कॉरपोरेट एफडी की तुलना में रिस्क लो होता है। इसमें डिफाल्ट या पैसया डूबने का खतरा ना के बराबर है।
बड़े बैंकों की बात करें, तो भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में 2.9 फीसदी की दर से लेकर 5.40 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। बैंक एफडी पर ब्याज के लिए ये लिस्ट चेक करें।
एसबीआई
- 7 दिन से लेकर 45 दिन तक की अवधि पर 2.90 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 3.40 फीसदी
- 46 दिन से लेकर 179 दिन तक की अवधि पर 3.90 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 4.40 फीसदी
- 180 दिन से लेकर 210 दिन तक की अवधि पर 4.40 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 4.40 फीसदी
- 211 दिन से लेकर 1 साल तक की अवधि पर 4.40 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 4.90 फीसदी
- 1 साल से लेकर 2 साल तक की अवधि पर 4.90 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 5.40 फीसदी
- 2 साल से लेकर 3 साल तक की अवधि पर 5.10 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 5.60 फीसदी
- 3 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि पर 5.30 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 5.80 फीसदी
- 5 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि पर 5.40 फीसदी, सीनियर सिटीजन के लिए 6.20 फीसदी
- बजाज फाइनेंस में 6.88% ब्याज दर 12-60 महीने का टेन्योर
- श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस में 8.09% ब्याज दर 12-60 महीने का टेन्योर
- श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस में 8.09% ब्याज दर 12-60 महीने का टेन्योर
- पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में 6.78% ब्याज दर 12-120 महीने का टेन्योर
- सुंदरम फाइनेंस में 6.71% ब्याज दर 12-36 महीने का टेन्योर
- अगर AAA या AA रेटिंग वाली कंपनियां एफडी आफर कर रही हैं तो उनमें निवेश किया जा सकता है। यानी निवेश से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देखें। जितनी बेहतर कंपनी की रेटिंग होगी उतना ही कम जोखिम होता है।
- वहीं कई बार कम रेटिंग वाली कंपनियां ज्यादा ब्याज देती हैं लेकिन सुरक्षा अधिक रेंटिंग वाली कंपनियों में होता है। कॉरपोरेट एफडी के मामले में लंबी अवधि की बजाए छोटी अवधि की स्कीम को चुनें। छोटी अवधि की एफडी पर रिस्क कम हो जाता है।
- बैंक एफडी के मुकाबले कंपनी के एफडी में केवल तभी निवेश करें जब दोनों के बीच अंतर 3 से 4 फीसदी तक हो। कॉरपोरेट एफडी में निवेश करने से पहले उस कंपनी का 10-20 साल का रिकॉर्ड देख लें। उन्हीं कंपनियों के डिपॉजिट में निवेश करें जो मुनाफा कमा रही हैं और जो आपको 5 साल से डिविडेंड दे रही हैं।
करीब 8 फीसदी तक ब्याज
कॉरपोरेट एफडी बैंक की तुलना में ज्यादा जोखिम भरी होती है। बैंक एफडी में निकासी कॉरपोरेट एफडी की तुलना में काफी आसान है। यदि आप कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां कुछ विकल्प हैं जो मौजूदा समय में 8.09 फीसदी ब्याज दे रहे हैं।
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