नई दिल्ली: डिजिटल बैंकिंग और बढ़ती सुविधाओं के साथ बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए सुरक्षा पर ध्यान देना बहुत जरूरी हो गया है। चेकबुक की सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी हो गया है। बता दें कि भारतीय बैंक समय-समय पर बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए दिशा निर्देश जारी करते रहते हैं। हालांकि जालसाज भी अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी करने की कोशिशों में लगे रहते हैं। बैंक की चेकबुक को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है।
- चेक को हमेशा सिर्फ परमानेंट इंक से भरना चाहिए।
- जब ड्रॉपबॉक्स में चेक डालने जाएं तो पहले ड्रॉपबॉक्स को अच्छे से चेक कर लें।
- चेक पर ओवरलैपिंग हैंडराइटिंग का उपयोग न करें।
- जो पुराने चेक इस्तेमाल नहीं किए गए हैं, उन्हें नष्ट कर दें।
- चेक पर खाली जगह छोड़ने से बचना चाहिए।
- अपने चेक की डिटेल्स का रिकॉर्ड रखें।
- अगले सात दिनों में बाद नए साल की शुरुआत 1 जनवरी 2021 से चेक पेमेंट से जुड़े नियम बदल जाएंगे। बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है।
- आरबीआई ने 1 जनवरी 2021 से चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इस सिस्टम के तहत 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान वाले चेक को रि-कंफर्म करना होगा।
- चेक जारी करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी।
पॉजिटिव पे सिस्टम एक स्वचालित टूल है जो चेक के जरिये धोखाधड़ी करने पर लगाम लगाएगा। इसके तहत, जो व्यक्ति चेक जारी करेगा, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी। चेक जारी करने वाला व्यक्ति यह जानकरी एसएमएस, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दे सकता है। इसके बाद चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों को क्रॉस-चेक किया जाएगा। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाएगी चेक से भुगतान नहीं किया जाएगा और संबंधित बैंक शखा को इसकी जानकरी दी जाएगी।
पॉजिटिव पे सिस्टम बड़े भुगतान वाले चेक के विवरणों को फिर से जांचने की प्रक्रिया है।
बैंक 50,000 रुपये और उससे ऊपर के सभी भुगतान के मामले में खाताधारकों के लिए नया नियम लागू करेंगे। हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने का निर्णय खाताधारक करेगा। बैंक 5 लाख रुपये और उससे अधिक राशि के चेक के मामले में इसे अनिवार्य कर सकते हैं।
नए सिस्टम के तहत चेक जारी करने वाला व्यक्ति चेक की जानकारी एसएमएस, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से दे सकता है। चेक का भुगातन से पहले इन जानकारियों की दोबारा जांच की जाएगी।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) पॉजिटिव पे सिस्टम को विकसित कर इसे सहभागी बैंकों को उपलब्ध कराएगा।
केवल वे चेक जो नए नियम के तहत आएंगे वे सीटीएस ग्रिड विवाद समाधान तंत्र के तहत स्वीकार किए जाएंगे। सभी बैंकों को चेक क्लियर या संग्रह में नए नियम को लागू करना होगा।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान