नई दिल्ली: कोरोना काल में अगर कोई हेल्थ बीमा लेने का सोच रहे है तो आपके पास अच्छा मौका है। आईआरडीएआई ने इस साल आरोग्य संजीवनी नाम की बीमा पॉलिसी लॉन्च की थी। इस पॉलिसी के तहत रेगुलेटर इरडा ने मंगलवार को आरोग्य संजीवनी पॉलिसी के नियमों में बदलाव किया है।
जिससे स्वास्थ्य बीमा कंपनियां न्यूनतम 1 लाख रुपये से कम की बीमा राशि और अधिकतम 5 लाख रुपये से ज्यादा की बीमा राशि पेश कर सकेंगी। स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर गाइडलाइंस के मुताबिक सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को आरोग्य संजीवनी पॉलिसी के लिए न्यूनतम 1 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 5 लाख रुपये (50,000 रुपये के मल्टीपल में) ऑफर करने की इजाजत है।
इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवपलमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) ने एक सर्रकुलर जारी किया जिसमें कहा कि नियमों में बदलाव सामान्य लोगों को सुविधा देने के लिए किया गया है। इसमें कहा गया है कि बीमा कंपनियों को यह मंजूरी दी जाती है कि वह न्यूनतम 1 लाख रुपये से कम की राशि और अधिकतम 5 लाख रुपये से ज्यादा की बीमा राशि पेश कर सकते हैं जो बीमा कंपनियों की अंडरराइटिंग पॉलिसी के अधीन होगी। वहीं उसने कहा कि बीमा की राशि का विकल्प 50,000 रुपये के मल्टीपल में ही दी जाएगी। इरडा के मुताबिक बीमा कंपनियां बदली हुई पॉलिसी को तुरंत प्रभाव से लागू कर सकते हैं। इस लोकप्रिय आरोग्य संजीवनी पॉलिसी में अस्पताल में भर्ती, भर्ती होने से पहले और बाद, आयुष इलाज और मोतियाबिंद के इलाज का कवर मिलता है। यह पॉलिसी एक स्टैंडर्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट है जिसमें पॉलिसीधारकों की मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखा जाता है।
बता दें कि इंश्योरेंस रेगुलेटर इरडा ने जनवरी में सभी जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की एक स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पेश करने को कहा था। उसने कहा था कि इससे इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों का कनफ्यूजन दूर होगा कि किस कंपनी की पॉलिसी में लाभ ज्यादा है। असल में अलग-अलग बीमा कंपनियां अलग अलग तरह की इनडिविजुअल हेल्थ प्रोडक्ट की पेशकश करती हैं। हर प्रोडक्ट के विशिष्ट लाभ और शर्तें अलग अलग होती हैं। ऐसे में ग्राहकों में कई बार कनफ्यूजन हो जाता है कि 4 लाख या 5 लाख तक की पॉलिसी लेने पर कौन सी कंपनी ज्यादा फायदा दे रही है। इरडा ने बताया था कि इस प्रोडक्ट का नाम आरोग्य संजीवनी पॉलिसी होगा।
- इस पॉलिसी को 18 साल से 65 साल के उम्र के बीच व्यक्ति खरीद सकते हैं। इस पॉलिसी के कवर में कोरोना के उपचार को भी शामिल कर दिया गया है ताकि इस पॉलिसी को लेने वालों को अलग से कोरोना कवर नहीं लेना पड़े। इरडा की गाइडलाइन जारी होने के बाद सभी बीमा कंपनियों को इस पॉलिसी के स्टैंडर्ड टर्म एंड कंडीशन में बदलाव नहीं करना है।
- वह इस पॉलिसी को अपनी सुविधा अनुसार नाम दे सकते हैं लेकिन उसमें आरोग्य संजीवनी लगाना जरूरी है।
- इस पॉलिसी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके प्रीमियम को आप मासिक, त्रैमासिक, छमाही या सालाना भुगतान कर सकते हैं।
- इसमें अपने माता पिता के साथ सास-ससुर को भी कवर कर सकते हैं।
- वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह पालिसी बुनियादी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के मुकाबले 20 से 50 प्रतिशत सस्ती है।
- इसमें कई ऐसी बीमारियों को कवर दिया जा रहा है जो पहले से चली आ रही पॉलिसियों में नहीं हैं।
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