वित्त वर्ष 2024-25 के लिए एडवांस टैक्स की पहली डेडलाइन 15 जून है। अगर आपकी सालाना टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको अभी 15% भुगतान करना होगा। यह नियम फ्रीलांसरों, बिजनेस मालिकों और उन सैलरीड लोगों पर लागू होता है जिन्हें रेंट से अच्छी कमाई होती है। समय पर टैक्स भरकर आप साल के आखिर में होने वाले भारी-भरकम वित्तीय बोझ से बच सकते हैं।

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अपनी टैक्स देनदारी का हिसाब लगाने के लिए सैलरी, स्टॉक और क्रिप्टो जैसे सभी इनकम सोर्स को जोड़ें। F&O ट्रेडर्स को अपने अनुमानित मुनाफे को भी इसमें शामिल करना चाहिए ताकि बाद में भारी जुर्माने से बचा जा सके। अपनी कुल अनुमानित राशि में से TDS घटा दें, जिससे आपको पता चल जाएगा कि कितनी रकम चुकानी है। यह आसान कैलकुलेशन आपकी पहली किस्त के लिए एक क्विक वर्कशीट की तरह काम करेगी।

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सेक्शन 234B और 234C के ब्याज से ऐसे बचें

अगर आप 15 जून की डेडलाइन चूक जाते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234C के तहत हर महीने 1% ब्याज देना होगा। यह पेनल्टी पहली किस्त से शुरू होकर तब तक बढ़ती रहती है जब तक आप बकाया नहीं चुका देते। अपनी कुल टैक्स देनदारी का 15% अभी जमा करने से आपका फाइनेंशियल रिकॉर्ड साफ रहता है। समय पर कदम उठाकर आप अपनी मेहनत की कमाई को फालतू के सरकारी ब्याज में जाने से बचा सकते हैं।

आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर 'e-Pay Tax' फीचर के जरिए ऑनलाइन टैक्स भर सकते हैं। भुगतान के लिए आप नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं। पेमेंट होते ही सिस्टम तुरंत डिजिटल चालान जेनरेट कर देता है, जिसे आप रिकॉर्ड के तौर पर रख सकते हैं। इन डिजिटल टूल्स की मदद से टैक्स की जिम्मेदारियां पूरी करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गया है।

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एडवांस टैक्स पेनल्टी बनाम FD रिटर्न: क्या है ज्यादा महंगा?

भारी-भरकम ब्याज भरने से बेहतर है कि आप समय पर टैक्स चुकाएं। सालाना 12% की पेनल्टी दर ज्यादातर बैंक डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले रिटर्न से कहीं ज्यादा है। समझदारी इसी में है कि आप पेनल्टी के चक्कर में अपना नुकसान न होने दें। नीचे दी गई तुलना से आप समझ सकते हैं कि समय पर भुगतान करना आपके लिए क्यों एक बेहतर फैसला है।

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निवेश या पेनल्टी का प्रकारसालाना रिटर्न या लागतसमय सीमा
सेक्शन 234B और 234C पेनल्टी12.00% सालाना लागततुरंत
औसत बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट7.00% सालाना रिटर्न5 साल
औसत बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट7.25% सालाना रिटर्न10 साल
औसत बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट7.50% सालाना रिटर्न15 साल

15 जून की डेडलाइन से पहले अपनी इस तिमाही की कमाई का आकलन जरूर कर लें। लेट फीस से बचने के लिए आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें और फटाफट भुगतान करें। टैक्स का सही मैनेजमेंट न केवल आपकी बचत बढ़ाता है, बल्कि भविष्य में होने वाले फालतू खर्चों से भी आपको सुरक्षित रखता है। आज की गई प्लानिंग कल आपकी संपत्ति को नुकसान से बचाएगी।