नई दिल्ली, फरवरी 25। आधार कार्ड का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो चला है। हर जरूरी डॉक्यूमेंट के साथ से लिंक किया जाता है। किसी भी व्यक्ति को इसकी जरूरत कभी-भी पड़ सकती है। यह जितना अहम डॉक्यूमेंट है उतना ही इससे फ्रॉड किए जाते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर किसी को आपका आधार नंबर पता चल जाएगा तो ऐसे में उसका गलत इस्तेमाल हो सकता हैं। इसी बात तो ध्यान में रखकर यूआईडीएआई की तरफ से आधार कार्ड की वर्चुअल आईडी भी जारी की गई है। यह आईडी भी 16 नंबर की होती है। अगर आप चाहें तो इसे आधार के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आईडी बैकिंग से लेकर सभी तरह की सुविधाओं के लिए मान्य माना जाता है। सबसे अहम बात कि आप इसे हर बार बदल सकते हैं। आज हम अपनी खबर के जरिए आपको बताएंगे कि कैसे आप अपना वर्चुअल आईडी बना सकते है।
- इसके लिए आपको सबसे पहले यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जो https://www.uidai.gov.in. है।
- इसके बाद Myaadhaar में जाकर वर्चुअल आईडी जनरेटर पर क्लिक करना होगा।
- फिर एक पेज ओपन होगा। इसमें आपको अपना 16 डिजिट का आधार नंबर डालना होगा।
- फिर कैप्चा वेरिफिकेशन डालकर सेड ओटीपी पर क्लिक करना होगा।
- इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जिसे आपको एंटर करना होगा।
- इसके बाद जनरेट वीआईडी विकल्प पर क्लिक करें।
- फिर आपके पास वीआईडी जनरेट होने का मैसेज रिसीव होगा।
- बता दें कि यह वर्चुअल आईडी तब तक वैध रहेगा जब तक नई वर्चुअल आईडी नहीं बन जाती है।
- आधार वर्चुअल आईडी दूसरी वर्चुअल आईडी बनने के पहले तक वैध रहती है।
वर्चुअल आईडी एक 16 अंकों का होता है। आसान भाषा में, इसे सरकार की तरफ से प्रमाणित आधार की इंटरनेट कॉपी कहा जाता है। इसके जरिए आधार कार्ड की सभी सर्विसेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी वैधता एक दिन की कही जाती है। लेकिन जब तक यूजर दूसरी वर्चुअल आईडी क्रिएट न कर लें तब तक ये वैध रहती है।
- फिजिकल आधार के मुकाबले ई-आधार को ज्यादा सुरक्षित माना गया है।
- बता दें कि वर्चुअल आधार के नंबर को आप आसानी से छिपाया जा सकता है और डेटा महफूज रहता है।
- ई-आधार के गलत इस्तेमाल के चांस भी काफी कम हैं।
- ई-आधार भी आधार कार्ड की तरह ही वैध है और यह सभी जगह मान्य है।
- किसी भी ऑफिस में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ई-आधार के वजूद से इनकार नहीं कर सकता।
- यूआईडीएआई ने ई-आधार के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया हुआ है।
- क्यूआर कोड में फोटो सहित आधार की सभी जानकारियां जुड़ी होती हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपको आधार की दूसरी कॉपी मिल जाए तो आप इसे री-प्रिंट भी करा सकते हैं। इसके लिए आपको यूआईडीएआई की वेबसाइट पर 50 रुपए शुल्क चुकाना होगा और री-प्रिंट का आवेदन करना होगा। इसके साथ ही आपको अपना आधार नंबर या वर्चुअल आइडेंटिफिकेशन नंबर पता होना चाहिए एवं आधार के लिए रजिस्टर्ड आपका मोबाइल नंबर आपके पास होना चाहिए। ये प्रक्रिया पूरी करने एवं पेमेंट करने के 5 दिन के अंदर स्पीड पोस्ट के जरिये आपको आधार कार्ड मिल जाएगा।
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