नई दिल्ली, अगस्त 9। आधार को भारतीय निवासियों के लिए पहचान और एड्रेस के सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय प्रूफ के रूप में मान्यता मिली हुई है। इसमें न केवल डेमोग्राफिक डिटेल होती है बल्कि कार्डधारक का बायोमेट्रिक डेटा भी होता है, जिससे इसका डुप्लिकेट बनाना बहुत कठिन हो जाता है। आधार जारी करने वाले अथॉरिटी यूआईडीएआई ने इस योजना के तहत भारत में रहने वाले सभी निवासियों को शामिल करने का प्रावधान किया है, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो। कई अस्पतालों ने बच्चों को आधार के लिए एनरोलमेंट करना शुरू कर दिया है और वे जन्म प्रमाण पत्र के साथ आधार पावती स्लिप भी देते हैं। माता-पिता का अपने बच्चों के आधार के लिए एनरोलमेंट से पहले कुछ जरूरी बातों का जानना जरूरी है।
यूआईडीएआई की तरफ से कहा गया है कि आधार में अपने बच्चे का सही डेटा सुनिश्चित करने के लिए कृपया अंग्रेजी और लोकल दोनों भाषाओं में स्पेलिंग सहित सभी डिटेल की सावधानीपूर्वक जांच करें। इसके अलावा साइन करने से पहले पावती पर्ची (एकनोलेजमेंट स्लिप) में डिटेल्स की दोबारा जांच करें। नवजात बच्चों सहित 5 साल से कम उम्र के सभी बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सकता है।
5 साल से कम के बच्चों के बच्चे का कोई बायोमेट्रिक्स नहीं लिया जाता है। तब उसके आधार के लिए केवल तस्वीर ली जाती है। मगर माता-पिता में से किसी एक का आधार प्रदान करना अनिवार्य है। यदि माता-पिता दोनों के पास आधार नहीं है, तो उन्हें पहले अपने आधार के लिए आवेदन करना होगा। बच्चा पांच साल का हो जाए तो उसका सभी 10 उंगलियों और आईरिस स्कैन का बायोमेट्रिक डेटा देना होगा।
5 साल की आयु होने पर बच्चे का बायोमेट्रिक्स लिया जाएगा और नयी फोटो भी ली जाएगी। जब बच्चा 15 साल का हो जाए तो यही प्रोसेस फिर से दोहरानी पड़ती है। 5 साल से 15 साल के बच्चों के लिए आधार कार्ड वयस्कों के जैसा ही हता है। यूआईडीएआई ने बच्चों और वयस्कों के लिए आधार में अंतर नहीं किया है। हालांकि 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आधार की कुछ मुख्य विशेषताएं होती हैं। आगे जानिए इन विशेषताओं के बारे में।
एनरोलमेंट प्रोसेस वयस्कों के समान ही होता है। केवल अंतर होता है जमा किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों में। फिर बायोमेट्रिक डेटा (सभी 10 उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और फोटोग्राफ) को तब अपडेट करवाना होगा, जब वह 15 वर्ष का हो जाए। सभी मामलों में अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र / डिस्चार्ज प्रमाण पत्र जमा करना होगा। बायोमेट्रिक डेटा का यदि आगे मेल न हो तो इस स्थिति में जीवन के बाद के चरणों में इसे फिर से अपडेट किया जा सकता है।
आप आधार के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से अप्लाई किया जा सकता है। एनरोलमेंट के 90 दिनों के भीतर आधार कार्ड आवेदक के पते पर भेज दिया जाता है।
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