यदि आप एक नौकरीपेशा व्‍यक्ति हैं तो आपके लिए अच्‍छी खबर है। EPF खाताधारक जल्‍द ही अब पीएफ खाता खुद ऑपरेट कर सकेंगे। EPFO अंशधारकों की सुविधा के लिए नया वेब पेज विकसित कर रहा है। नई प्रणाली की स्टडी रिपोर्ट को हरी झंडी दे दी गई है। नए वेब पेज के तहत अंशधारक मोबाइल और कंप्यूटर पर पीएफ खाता नेटबैंकिंग की तरह संचालन कर सकते हैं।

Advertisement

ईपीएफ खाते से एडवांस या क्लेम फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करते ही चंद पलों में फंड अंशधारकों के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। एडवांस लेने में नियोक्ता और ईपीएफओ कार्यालय से सत्यापन की निष्पक्षता भी खत्म कर दी जाएगी।

Advertisement

आपको बता दें कि ईपीएफओ ने देश के सभी 4.50 करोड़ अंशधारकों को खाते से धन निकासी पर लगे बैरियर को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। तो वहीं दिल्ली में वेब पेज का ट्रायल शुरू हो गया है।

इसमें अंशधारक पीएफ़ खाते की आईडी और कोड संख्या से खुद को संचालित करेंगे। पी ईपीएफओ सीबीटी के सदस्य राम किशोर त्रिपाठी का कहना है कि अंशधारकों को खुद पीएफ खाते के परिचालन के सिस्टम पर दिल्ली में काम शुरू हो गया है।

Advertisement

फिलहाल, अभी एडवांस और अंतिम भुगतान के लिए ऑनलाइन फार्म भरने पर नियोक्ता से सत्यापन किया जाता है। वेरीफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर ईपीएफओ धनराशि अंशधारकों के बैंक खाते में भेजता है। इसमें कई-कई बार एक महीने से ज्यादा का समय भी लग जाता है।

  • पीएफ़ अंशधारक स्वयं या परिजन की बीमारी में कभी भी एडवांस ले सकते हैं
  • नौकरी जाने पर 60 दिन बाद अंतिम भुगतान ले सकते हैं
  • भवन निर्माण, शिक्षा और विवाह के लिए सात साल के बाद एडवांस ले सकते हैं

उधर, ईपीएफओ ने उमंग पर अपने उपकरणों को अपग्रेड किया है। अंशधारकों गूगल प्ले स्टोर से उमंग को इंस्‍टॉल कर सकते हैं। इससे क्लेम फॉर्म और पीएफ खाते का पूरा ब्योरा मिल सकेगा।