नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने हमसफर एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी दी है। जानकारी दें कि यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए रेलवे ने अपनी प्रीमियम हमसफर रेल गाड़ियों से फ्लेक्सी फेयर योजना को हटा दिया है। इसके चलते इन ट्रेनों के टिकट सस्ते हो जाएंगे। भारतीय रेलवे ने शुक्रवार को 35 प्रीमियम हमसफर ट्रेनों से फ्लेक्सी फेअर स्कीम हटाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों में अब स्लीपर कोच भी जोड़े जाएंगे। फिलहाल इनमें एसी 3-टियर कोच ही उपलब्ध है। इस कदम से यात्रियों को राहत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक, हमसफर ट्रेनों का तत्काल टिकट का किराया भी कम किया जाएगा। अब यह बेस फेअर का 1.3 तीन गुना होगा। इससे पहले यह 1.5 गुना था। इसका मतलब यह हुआ कि अब से हमसफर ट्रेनों का तत्काल का किराया सामान्य नियमानुसार ही लगेगा जो दूसरी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में लगता है। रेलवे खिलाएगा 50 रुपये में पेट भर भोजन, जानें क्या है तैयारी ये भी पढ़ें
हाल ही में भारतीय रेल ने कुछ ट्रेनों में 25 % तक का डिस्काउंट ऑफर किया था। इसमें एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास सीटिंग वाली ट्रेनें जैसे शताब्दी, तेजस, गतिमान, डबल डेकर और इंटरसिटी शामिल हैं। कुल 13,452 ट्रेनों में से केवल 141 ट्रेनों पर फ्लेक्सी किराए की सुविधा उपलब्ध है। वहीं अधिकारी के मुताबिक, हमसफर ट्रेनों का बेस फेअर भी कम किया जाएगा। अब से यह मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए का 1.15 गुना होगा। इससे पहले किराया सुपरफास्ट मेल/ एक्सप्रेस ट्रेनों की तर्ज पर लगता था। गुरुवार को रेलवे की ओर से मालभाड़े पर भी डिस्काउंट की घोषणा की गई थी।
दूसरी तरफ आपको बता दें कि अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय जोनल रेलवे ने आवश्यकता को देखते हुए लिए हैं। अब करंट बुकिंग के दौरान यात्रियों को टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। यात्री आरक्षण सिस्टम में जरूरी बदलाव के बाद यात्रियों को यह लाभ मिलना शुरू हो जाएंगे। हालांकि शुक्रवार को आनंद विहार-इलाहाबाद हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन में चार स्लीपर क्लास कोच जोड़े गए थे।
जानें हमसफर की खूबियां
- सभी कोच थ्री टायर एसी
-कोच एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) तकनीक वाले
-एक कोच में 72 सीटें
-हर कोच में आरओ प्लांट, हर बर्थ के पास मोबाइल चार्जर प्वाइंट
-नई तकनीकी का वॉश बेसिन
-हर कोच में स्टेशन का डिस्पले
आपको बता दें कि भारतीय रेलवे की तरफ से लागू की गई फ्लेक्सी फेयर प्रणाली पूरी तरह से मांग-आपूर्ति पर निर्भर होती है। इसके तहत जिस समय टिकट की मांग ज्यादा होती है, उस वक्त टिकट की कीमतें बढ़ा दी जाती है। ऐसा ज्यादातर त्योहारी सीजन में ही होता है। जबकि दूसरी ओर जब टिकट की मांग कम हो जाती है, तब कीमतें सामान्य हो जाती हैं। अब तक हवाई जहाज की टिकटों में ऐसा होता था। बता दें कि भारतीय रेलवे ने 9 सितंबर 2016 को राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों के लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम शुरू किया था। इसके मुताबिक मांग बढ़ने पर बेस फेयर में 10 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक किराये में बढ़ोतरी की जाती है।
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