नई दिल्ली: सस्ते में सोना खरीदने का बस कल तक का मौका है। सरकारी योजना सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के चौथे और आखिरी चरण में निवेश सोमवार 9 सितंबर से शुरू हो गया। सोवरेन गोल्ड बॉन्ड में चौथ चरण में निवेश करने की अवधि 9 से 13 सितंबर कल तक है। यानि पीएम मोदी सरकार की इस सोवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश करने के लिए निवेशकों के पास बस कल तक का समय है। बाजार में बीते हफ्ते 10 ग्राम सोने का भाव 40,000 रुपये को भी पार कर गया। ऐसे में सरकार सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए आपको बाजार भाव से कम दाम में सस्ते में सोना खरीदने का मौका दे रही है।
बीते हफ्ते शुक्रवार को सोने की बाजार कीमत 3,958 रुपये प्रति ग्राम थी। वहीं इस स्कीम के तहत आप 3,499 रुपये प्रतिग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल मोड से पेमेंट करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी। यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ऑनलाइन निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए एक ग्राम सोने की कीमत 3,449 रुपये पड़ेगी। यानी आप सोने में बाजार मूल्य से प्रति ग्राम 509 रुपये कम कीमत पर गोल्ड में निवेश करेंगे।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीस के निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम का मकसद सोने की फिजिकल डिमांड को कम करना है। इसके तहत सोना खरीदकर घर में नहीं रखा जाता है बल्कि बॉन्ड में निवेश के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
ये बॉन्ड बैंकों, डाकघरों, एनएसई और बीएसई के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए खरीद सकते हैं। ये बॉन्ड बैंकों से ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते हैं। गोल्ड बॉन्ड में एक ग्राम से लेकर सालाना 4 किलो ग्राम सोने के मूल्य के बराबर निवेश किया जा सकता है। वहीं हिंदू अविभाजित परिवार चार किलो ग्राम सोने के मूल्य के बराबार निवेश कर सकता है।
- गोल्ड बॉन्ड पर सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा। बता दें कि निवेशकों को कम से कम 1 ग्राम का बॉन्ड खरीदने की भी सुविधा मिलती है।
- निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड के बदले लोन लेने की भी सुविधा है। वहीं पूंजी और ब्याज दोनों की सरकारी (सॉवरेन) गारंटी मिलती है। बता दें कि इंडिविजुअल को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होगा।
इस योजना की शरुआत नवंबर 2015 में हुई थी। इसका मकसद भौतिक सोने की मांग में कमी लाना तथा सोने की खरीद में उपयोग होने वाली घरेलू बचत का इस्तेमाल वित्तीय बचत में करना है। इसकी खरीद शेयरों की तरह यूनिट की तरह की जाती है और इसके तहत एक ग्राम सोने के दाम के मूल्य के बराबर का बॉन्ड भी खरीद सकते हैं। आप इस स्कीम के तहत आरबीआई गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। यह बॉन्ड्स बैंकों और पोस्ट ऑफिस में सोने के एक ग्राम के मूल्य में बेचे जाते हैं। इसके बाद ये बॉन्ड्स सोने के दाम से लिंक किए जाते हैं और निवेशक बॉन्ड के मूल्य को कैश में पे करते हैं। इसमें फायदा यह होता है कि सोने की बढ़ती कीमत के लाभ के साथ आरबीआई आपको ब्याज भी देता है।
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