सोमवार को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के रोल-आउट की घोषणा की, जो किसी भी बैंक के ग्राहकों को इंटर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए IPPB को देश का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बनाता है। आईपीपीबी की पहली वर्षगांठ के मौके पर केंद्रीय संचार और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एईपीएस के शुभारंभ की घोषणा की।
यह आधार से जुड़े बैंक खाते वाले किसी भी व्यक्ति को आधारभूत बैंकिंग सेवाओं जैसे कि नकद निकासी और बैंक द्वारा उनके खाते से जुड़ी शेष राशि की परवाह किए बिना शेष राशि की जांच करने की अनुमति देता है। एईपीएस सेवाएं किसी विशेष बैंक तक सीमित नहीं हैं।
यह बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए बैंकिंग सेवाओं की कम लागत वाली डिलीवरी को सक्षम करने वाले एक सस्ती बुनियादी ढाँचे से प्रेरित है। AePS सेवाओं के साथ, IPPB में 34 करोड़ जन धन खाता धारकों सहित किसी भी बैंक के ग्राहकों को इंटरऑपरेबल डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की क्षमता होगी।
AePS सेवा का उपयोग करने के लिए, आधार-लिंक्ड बैंक खाते वाले कोई भी व्यक्ति लेन-देन आरंभ कर सकता है और अपनी पहचान को फिंगरप्रिंट स्कैन और आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के साथ प्रमाणित करके पूरा कर सकता है। IPPB की सेवाएँ 136,000 से अधिक डाकघरों में उपलब्ध हैं और 195,000 से अधिक डाकियों और GDSs (ग्रामीण डाक सेवकों) द्वारा वितरित की जाती हैं।
इस मौके पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आईपीपीबी ने 6,000 करोड़ रुपये मूल्य का डिजिटल लेने-देन किया। बैंक को एक साल में कम-से-कम 5 लाख करोड़ रुपये के डिजिटल लेन-देन का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को पासा पलटने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य और केंद्र सरकार की 440 योजनाओं को इसके दायरे में लाया गया है। प्रसाद ने कहा कि हमने अबतक 440 योजनाओं में 7.82 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया और 1,40,000 करोड़ रुपयों की बचत हुई।
साथ ही उन्होंने कहा कि आईपीपीबी को यह सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए कि सभी 440 योजनाएं पोस्टल पेमेंट बैंक नेटवर्क के जरिए हों। मंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि पोस्टल पेमेंट्स बैंक गरीब और वंचित तबकों के करीब आए और यह डीबीटी के तहत पूरी राशि आपके नेटवर्क के जरिये वितरित हो। आपको बता दें कि आईपीपीबी ने पिछले साल सितंबर में पूर्ण रूप से परिचालन शुरू किया था।
प्रसाद ने आईपीपीबी से अगले एक साल में 5 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद डिजिटल लेन-देन में तीव्र वृद्धि हुई है। संख्या के हिसाब से यह 296 करोड़ से ऊपर है और मूल्य के हिसाब से 283 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
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