नई द‍िल्‍ली: अगर आपके भी बैंक संबंधी काम बाकी है तो जल्‍दी न‍िपटा लें। इस महीने के आखिर में आपको कैश की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। चार बैंक यूनियनों ने 2 दिन की बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक अधिकारियों के 4 संगठनों ने 26 सितंबर से दो दिन की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। ये यूनियन बैंकों के विलय का विरोध और 11वां वेतन समझौता लागू करने की मांग पर हड़ताल पर जा रही हैं। 26 और 27 सितंबर को हड़ताल के बाद 28-29 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के चलते बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान आपको कैश की किल्लत न हो, इसलिए महीने के आखिरी में कैश का इंतजाम करके रखें। इस बैंक के ग्राहक निकाल सकते हैं जमा से ज्यादा पैसा, ये है तरीका ये भी पढ़ें

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नोटिस भेजकर दी हड़ताल पर जाने की सूचना

जानकारी दें कि बैंक अधिकारियों की यूनियनों ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) को नोटिस भेजकर हड़ताल पर जाने की सूचना दी है। बैंकों के विलय के एलान के बाद संगठनों ने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को लिखे पत्र में कहा, "बैंकों के विलय के सरकार के फैसले का हम विरोध करते हैं। दो बैलेंस शीट को जोड़ देने भर से तैयार बैंलेंस शीट मजबूत नहीं हो जाएगी। इतना ही नहीं बैंक यूनियन ने यह भी कहा कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से नेशनल बैंकों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) ने मिलकर दो दिन की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।

कर्मचार‍ियों की ये है मांग

हड़ताल पर जानें की ये भी एक मुख्‍य वजह हैं कि बैंक यूनियनों की पांच दिन का कार्य सप्ताह करने और नकद लेनदेन के कार्य घंटों को कम करने की भी मांग है। यूनियनों ने जांच के मौजूदा सिस्टम में बाहरी एजेंसियों का हस्तक्षेप रोकने, रिटायर्ड कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों को सुलझाने, पर्याप्त संख्या में भर्तियां करने, एनपीएस को समाप्त करने और ग्राहकों के लिए सेवा शुल्क कम करने और अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के नाम पर अधिकारियों को परेशान नहीं करने की मांग की है। संघ को लिखे पत्र में संगठनों ने कुल नौ मांगे रखी हैं। जिसमें वेतन में संशोधन और हफ्ते में पांच दिन काम जैसी मांगे शामिल हैं।

10 बैंकों का एकीकरण कर चार बैंक बनाने की घोषणा

बता दें कि हाल ही में सरकार ने 30 अगस्त को सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का एकीकरण कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। आपको बता दें कि 2017 के बाद से ये तीसरी बार है जब सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है। पहले एसबीआई और भारतीय महिला बैंक के सहायक पांच बैंकों का एसबीआई में विलय हुआ। इसके अलावा एक अप्रैल से विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया। इन विलय के विरोध में भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल देखने को मिली थी। जबकि जनवरी 2019 को ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि दो दिन तक चली हड़ताल के चलते 20 हजार करोड़ के चेक क्लीयर नहीं हुए थे।