नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद देश कैशलेस सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है। जी हां देशभर में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए मोदी सरकार भी पूरी तरह से कोशिश कर रही हैं। ये बात भी सच हैं कि मोदी सरकार हर तरह से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की कोशिश में है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को डिजिटल पेमेंट को अपमाने की अपील की। ये एटीएम कार्ड फ्री में दिलाता है 10 लाख रुपए का बीमा ये भी पढ़ें
बता दें कि पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से तिरंगा फहराने के बाद देशवासियों से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने अपने भाषण में लोगों को कैश ट्रांजैक्शन को ना और डिजिटल पेमेंट को हां करने की सलाह दी। लोगों को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल पेमेंट की ओर आकर्षित करने के लिए मोदी सरकार ने सख्त नियम बनाए हुए हैं। आप भी इन नियमों को अच्छी समझ लें नहीं तो आपको भारी पेनाल्टी देनी पड़ सकती है। तो आज आपको हम कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े 7 नियमों के बारे में बताना चाहेंगे।
- मोदी सरकार ने घर में कैश रखने की कोई सीमा तय नहीं है, लेकिन अगर आप घर में रखें उन कैश का सोर्स नहीं बता पाएं तो आपको उन कैश पर 137% तक पेनाल्टी का भुगतान करना पड़ सकता है।
- बैंक खातों से कैश निकालने पर फिलहाल कोई टैक्स नहीं लगता है। 5 जुलाई 2019 को पेश हुए बजट में कैश निकासी पर टैक्स को लेकर घोषणा हुई है। नए नियम के मुताबिक अगर आप सालभर में अपने खाते से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश निकालते हैं तो आपको 2 फीसदी TDS देना होगा। वहीं अगर आप अपने सेविंग अकाउंट में एक बार में 50,000 रुपए से ज्यादा कैश जमा कर रहे हैं तो आपको अपना पैन कार्ड दिखाना होगा। वहीं एक साल में 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा जमा करने पर आपका नाम एनुअल इंफोर्मेशन रिपोर्ट में आ जाएगा।
- प्रॉपर्टी बेचने पर कैश लेने की सीमा तय है। अब आप सिर्फ 20,000 रुपये कैश का लेन-देन कर सकते हैं। अब 20,000 रुपये से ज्यादा कैश लेने पर 100 फीसदी पेनाल्टी लगेगी।
- इसके साथ ही नहीं निजी खर्च के लिए भी सरकार ने कैश लिमिट तय कर रखी है। आप अपने निजी खर्च के लिए 2 लाख रुपए तक कैश में भुगतान कर सकते हैं।
- इसके अलावा कैश में गिफ्ट आप एक तय सीमा तक दे सकते हैं। आप किसी को 2 लाख रुपए से कम कैश तोहफे के तौर पर दे सकते हैं। इस तय सीमा से ज्यादा कैश देने पर आपको 100% पेनाल्टी दोनी होगी।
- कैश देने के साथ- साथ कैश लेने के लिए भी नियम तय है। आप अगर 20,000 रुपए से ज्यादा कैश लोन लेते हैं तो आपको 100 फीसदी पेनाल्टी देनी होगी।
- वहीं कैश में दान देने के लिए आप सिर्फ 2000 रुपए तक दें सकते हैं। 2000 रुपए से ज्यादा कैश दान देने पर आपको टैक्स में छूट नहीं मिलेगी।
अच्छी बात तो ये हैं कि डिजिटल ट्रांजेक्शन करना वित्तीय लेन देन में आसानी डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए सबसे अच्छी बात है। आपको कैश ढोने, प्लास्टिक कार्ड, बैंक या एटीएम की लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। खासतौर पर जब आप सफर में हों तो खर्च करने का यह सेफ और इजी विकल्प है। क्योंकि ये बात भी सच हैं कि कैश रखना सुरक्षित नहीं माना जाता है। आए दिनों पर्स का चोरी होना, चोरी, लूट मार जैसी चीजें आम हो गई हैं। ऐसे में ई-मनी एक सुरक्षित स्थान है। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने के लिए आपके पास पैसा फिजिकल स्टेट में होने की जरूरत नहीं है। बैंक खाते से सीधे आपके मनमुताबिक जगह पर पैसा जा सकता है।अगर आपका कार्ड गुम हो जाता है तो इसे तुरंत ब्लॉक भी कराया जा सकता है। इसके अलावा अपने लेनदेन पर आप दावा भी कर सकती हैं। अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उस पैसे के लिए आप दावा भी ठोंक सकती हैं।
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