नई दिल्ली: अगर आप भी ट्रेन से सफर करते है तो आपके के लिए एक अच्छी खबर है। जी हां जानकरी दें कि अगर आपकी ट्रेन देरी से गंतव्य तक पहुंचेगी, तो आपको मुआवजा मिलेगा। अब आप देश की पहली 'प्राइवेट' ट्रेन में सफर करने वाले हैं और सफर में देर होती है तो आप मुआवजे के हकदार होंगे। तेजस के सफर में एक घंटे से ज्यादा की देरी होती है तो आपको मुआवजा मिलेगा। बता दें कि आईआरसीटीसी अक्टूबर महीने से इस तेजस ट्रेन का संचालन शुरू करने वाली है। पहली ट्रेन दिल्ली से लखनऊ के बीच चलेगी। वहीं इस ट्रेन का बेस किराया इसी रूट पर चलने वाली शताब्दी के आसपास ही होगा, लेकिन इसमें अन्य कई सुविधाएं दी गई हैं। अच्छी खबर: अक्टूबर से ट्रेनों में बढ़ जाएंगी 4 लाख सीटें, अब आसानी से मिलेगा टिकट ये भी पढ़ें
बता दें कि इस ट्रेन में दूसरी मील, फ्री चाय-कॉफी के लिए वेंडिंग मशीन आदि की सुविधाएं दी गई हैं। आईआरसीटीसी दूसरी तेजस नवंबर में शुरू करेगी, जिसका रूट होगा मुंबई से अहमदाबाद। ट्रेनों से हवाई सफर की ओर शिफ्ट होने वाले यात्रियों को वापस रेलवे से जोड़ने के लिए आईआरसीटीसी तेजस ट्रेनों में ज्यादा सुविधाएं दे रही है। आईआरसीटीसी के एक एग्जिक्यूटिव ने बताया, 'रेलवे नाश्ता तो सर्व करता है, लेकिन यात्री जैसे-जैसे लखनऊ पहुंचने के करीब होते हैं, उनको भूख लगने लगती है। इसलिए हम स्नैक्स का इंतजाम करना चाहते हैं ताकि जब तक वे ट्रेन में रहें, भूखे न रहें और लंच टाइम में जब वे लखनऊ पहुंचे तो उन्हें जल्दी से कुछ खाने की जरूरत न हो। इन सबके अलावा, कंपनी वरिष्ठ नागरिकों को भी टारगेट करने की कोशिश में है, जिन्हें रेल किराये पर 40 पर्सेंट की छूट मिली हुई है। यही मॉडल मुंबई-अहमदाबाद के रूट पर भी लागू होगा, जो नवंबर के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है।
इस बात से भी अवगत करा दें कि तेजस के टिकट के साथ 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर और आपके ट्रेन में रहने के दौरान आपके घर के लिए डकैती कवर भी मुहैया करवाया जा सकता है। वहीं एग्जिक्यूटिव ने बताया, 'बीमा कंपनियां कई ऑफर दे रही हैं, हम उनपर विचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ, इस ट्रेन के हर कोच में सिर्फ दो टॉइलट होंगे, जबकि अन्य ट्रेनों के कोच में 4 टॉइलट होते हैं। इसके पीछे थोड़ी फ्री स्पेस और बेहतर फूड सर्विस मैनेजमेंट के लिए नई पैंट्री प्लान की गई है। आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन के 72 सीटों वाले कोच में कई टॉइलट होते हैं, जबकि 190 सीटर प्लेन में सिर्फ तीन टॉइलट होते हैं।
दूसरी तरफ अगर टिकटों की प्राइसिंग की बात करें तो रेलवे ने फ्री प्राइसिंग की इजाजत दी है। लेकिन रेलवे टिकटिंग विंग शताब्दी की तर्ज पर इसका किराया रखना चाहती है। इसके साथ ही, त्योहारी सीजन में भीड़ को भुनाने के लिए लचीला किराया मॉडल अपनाया जाएगा। सुस्त सीजन में टिकटों के बेस प्राइस पर डिस्काउंट भी दिया जाएगा। रेलवे मंत्रालय आईआरसीटीसी के इस एक्सपेरिमेंट के नतीजे का इंतजार कर रहा है ताकि अगले कुछ सालों में नए रूटों पर तेजस ट्रेनें चलाई जा सकें।
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