नई दिल्ली: पुराने और कटे-फटे नोट को अब काफी आसानी से बदला जा सकता है। जी हां अगर आपके पास भी पुराने और कटे-फटे नोट है और उसे बदलना है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये बात सच हैं कि ज्यादातर लोगों को तो ये भी नहीं पता होता हैं कि फटे नोट के साथ क्या करना चाहिए। सिक्के जमा करने और फटे-पुराने नोट बदलने के लिए अक्सर बैंक की शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ज्यादातर बैंक शाखाओं में यह कहकर ग्राहकों को वापस कर दिया जाता है कि चेस्ट शाखाओं में ही सिक्के जमा करने और नोट बदलने का काम किया जाता है। इन सब वजहों से आम आदमी को काफी परेशानियां भी होती है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह से इसे बदला जा सकता है। आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इन नोटों को बदलने के लिए सुविधा भी दी है। रिजर्व बैंक ने अब इस समस्या का निदान कर दिया है।
जानकारी दें कि 19 जुलाई को नए निर्देश जारी करते हुए आरबीआइ ने कहा है कि अब देश की सभी बैंक शाखाओं में फटे और पुराने नोट बदले जाएंगे। इसके साथ ही सिक्कों को गिनती न करके तौल कर जमा करने की प्रक्रिया भी अपनाने के लिए कहा है। इतना ही नहीं आरबीआइ के नए निर्देशों में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बैंक में व्यापारी या आम आदमी अपने सिक्के जमा करने जाता है तो सौ-सौ सिक्कों की थैली बनाकर जमा करें। बैंक प्रबंधन इन थैलियों को तौलकर भी जमा कर सकते हैं। इस तरह करने से उपभोक्ता के साथ ही बैंक का भी समय बचेगा। ध्यान देने योग्य बात यह हैं कि गाइड लाइन का अनुपालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। जरूरी नहीं होगा बैंक शाखा का ग्राहक होना।
आरबीआइ ने बैंकों को जारी किए निर्देश में कहा है कि प्रत्येक बैंक शाखा में नोट बदलने, सिक्के जमा करे। इसके लिए जरूरी नहीं है कि ग्राहक उसी ब्रांच या बैंक का ही हो। भारतीय नागरिकों को देश की किसी भी बैंक शाखा में सिक्के जमा करने और नोट बदलने की सुविधा मिलेगी।
आरबीआई के नियमों के मुताबिक, तीन तरह के नोटों को बदला जा सकता है। पहले वह जिसका धुलाई या कई लोगों के बीच घूमने की वजह से रंग उड़ गया। दूसरे वह जो फट गए हैं और उनके टुकड़े मौजूद हैं। तीसरे वह जो मिस मैच वाले हैं। मतलब दो अलग-अलग टुकड़े जोड़कर गलत प्रिंट वाला नोट बन गया है। बहुत ही बुरी स्थिति वाले नोट, जिनका नंबर पढ़ा जाना संभव न हो उसे बैंक बदलने से मना भी कर सकता है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, नोट पर कुछ लिखा है तो वह मान्य तो है। लेकिन अगर उसपर लिखा संदेश राजनीति से प्रेरित लगा तो उसे लीगल टेंडर नहीं माना जाएगा।
बता दें कि अगर बैंक के अफसर आरबीआइ के निर्देश का अनुपालन नहीं करते। ऐसी स्थिति में पहले तो उपभोक्ता उस बैंक के टोल फ्री नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकता है। यह टोल फ्री नंबर प्रत्येक बैंक की शाखा की दीवारों पर चस्पा होता है। अगर इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं होता तो बैंकिंग लोकपाल से शिकायत दर्ज कराने के लिए इस नंबर (0512-2306278,2303004) का प्रयोग कर सकते हैं। गौरतलब हैं कि अभी तक केवल चेस्ट शाखा में पुराने नोट और सिक्के बदलने की कार्रवाई होती थी लेकिन, अब सभी बैंक की शाखाओं में यह सुविधाएं उपभोक्ताओं को मिलना शुरू हो गई है।
ध्यान देने योग्य बात हैं कि कुछ स्थितियों में नोटों को बदला नहीं जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, बुरी तरह जले हुए, टुकड़े-टुकड़े होने की स्थिति में नोटों को नहीं बदला जा सकता। इस तरह के नोटों को आरबीआई के इश्यू ऑफिस में ही जा सकता। साथ ही जिन नोटों पर नारे या राजनैतिक संदेश लिखे हों, उन्हें भी बतौर मुद्रा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। बता दें कि यदि बैंक अधिकारी को लगता है कि आपने जानबूझ कर नोट को फाड़ा या काटा है, तो वह आपकी मुद्रा बदलने से इनकार कर सकता है।
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