नई दिल्ली। देश चलते वाहनों के टायर फटने के हादसों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इस हादसों में हजारों लोगों की जान चली जाती है। लेकिन अब मोदी सरकार ने तय किया है कि वह देश में जल्द ही वाहनों के टायर में नाइट्रोजन गैस भरवाना अनिवार्य करेगी। इससे टायर फाटने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। मोदी सरकार इस संबंध में एक पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है।

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ये भी उठाए जा रहे कदम
जानकारी में बताया गया है कि इसके अलावा वाहनों में ऐसी तकनीक का प्रयोग किया जाएगा कि ड्राइवर के शराब पीने पर पर वाहन ही पुलिस को सूचना दे देगा। इसके अलावा अगर वाहन में तय सीमा से अधिक माल भारा या है ज्यादा लोगों को बैठाया गया है तो इसकी सूचना भी स्थानीय पुलिस खुद ही मिल जाएगी। वहीं वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

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नितिन गडकरी ने दी जानकारी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार ने कई कदम उठाएं हैं। अभी सीमेंट और कंक्रीट से राजमार्ग बनाए जा रहे हैं, जिन पर टायर जल्दी गर्म हो जाते हैं। इस कारण इनके फटने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में सरकार ने टायरों में नाइट्रोजन गैस भरना अनिवार्य करना चाह रही है।

जानिए नाइट्रोजन गैस के फायदे

नाइट्रोजन गैस टायर को गर्मी में ठंडा रखती है। नाइट्रोजन गैस रबर की वजह से टायर में कम बढ़ती है। इसकी वजह से टायर में प्रेशर ठीक रहता है। यही कारण है कि फॉर्मूला वन रेसिंग कारों के टायर में केवल नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। हालांकि टायर में इस गैस को भरवाना महंगा काम है और अभी इस पर करीब 150 से 200 रुपये तक का खर्च आता है।

मोदी सरकार खोलेगी 850 ड्राइविंग प्रशिक्षण केन्द्र

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और भी कदम उठाए जा रहे हैं। इनके तहत वाहन चालकों को प्रशिक्षित करने के लिए करीब 850 ड्राइविंग प्रशिक्षण केन्द्र खोले जा रहे हैं।