नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने इनकम टैक्स देने वालों को सीधे तो राहत नहीं दी है, लेकिन अगर मध्यम वर्ग अगर खर्च करेगा तो उसको इनकम टैक्स से काफी राहत मिलेगी। मोदी सरकार चाहती है कि अब निवेश करके टैक्स बचाने की परंपरा की जगह खर्च करके इनकम टैक्स बचाने की नई परंपरा शुरू की जाए। शायद यही कारण है कि सरकार ने आमलोगों को निवेश करके कोई नई टैक्स छूट नहीं दी है। लेकिन अगर आप खर्च करने को तैयार हैं तो 14.05 लाख रुपये तक की आमदनी टैक्स फ्री हो सकती है।
आइये जानते हैं बजट प्रस्ताव और उनके फायदे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट प्रस्ताव में इनकम टैक्स से जुड़े दो फायदे सीधे तौर पर दिए हैं। पहला फायदा है घर खरीदने वालों को। इसके अलावा दूसरा फायदा दिया है इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वालों को। इन दोनों फायदों को अगर जोड़ लिया जाए तो लोगों की 14.05 लाख रुपये तक की आमदनी टैक्स फ्री हो जाएगी।
इस बजट में होम लोन पर दिए जाने वाले ब्याज की छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ा कर 3.5 लाख रुपये कर दिया है। इस प्रकार इस मद में 1.5 लाख रुपये की इनकम टैक्स की छूट बढ़ा दी है। इसके अलावा अगर आप लोन लेकर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं तो 1.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स छूट और मिलेगी। यह छूट ऐसे वाहन को खरीदने पर दिए जाने वाले ब्याज पर दी जाएगी। इसका मतलब हुआ कि एक बार अगर आपने इलेक्ट्रिक वाहन खरीद लिया तो इनकम टैक्स की यह छूट कई साल तक मिलती रहेगी।
-होम लोन का ब्याज 3.5 लाख रुपये सालाना
-इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लोन पर 1.5 लाख रुपये सालाना
-80 सी के तहत निवेश 1.5 लाख रुपये सालाना
-अपना हेल्थ इंश्योरेंस 25,000 रुपये सालाना
-माता-पिता का हेल्थ इंश्योरेंस 30,000 रुपये सालाना
-एनपीएस 50,000 रुपये सालाना
-स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये सालाना
-एजूकेशन लोन 1 लाख रुपये सालाना
ये सभी छूट मिलाकर हो जाती है सालाना 9.05 लाख रुपये। इसके अलावा लोगों की 5 लाख रुपये तक की कुल आमदनी को मोदी सरकार पहले ही टैक्स फ्री कर चुकी है। इस प्रकार लोग अगर खर्च करने को तैयार हैं तो उनकी वित्त वर्ष 2019-20 में कुल मिलाकर 14.05 लाख रुपये तक की आमदनी टैक्स फ्री हो सकती है। यहां पर यह ध्यान रखने की जरूरत है कि यह इनकम टैक्स की सभी छूट वित्त वर्ष 2019-20 में ही लागू हुई हैं, इस कारण लोगों को चालू वित्त वर्ष में यह खर्च करने होंगे और अगले वित्त वर्ष में यह छूट लेनी होगी।
-2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की आमदनी वालों के लिए सरचार्ज 3% और 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय वालों के लिए सरचार्ज को बढ़कर 7% किया गया है।
-इसके चलते 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये की कर योग्य आय वालों को अब 39% इनकम टैक्स और 5 करोड़ से ज्यादा वार्षिक टैक्सेबल इनकम वालों को 42.47% इनकम टैक्स देना होगा।
-इस प्रकार अब भारत में सुपर-रिच टैक्स अमेरिका से भी ज्यादा होगा। अमेरिका में अमीरों पर 40% इनकम टैक्स लगता है।
-1 बैंक खाते से साल में 1 करोड़ से ज्यादा कैश निकाला तो देना होगा 2 फीसदी टीडीएस।
-अब प्रॉपर्टी की कीमत में क्लब मेंबरशिप और पार्किंग जैसी फीस जोड़ी जाएगी। अगर इन फीस को मिलाकर प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा हुई तो टीडीएस कटा जाएगा।
More Articles
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक: पोर्टल पर आ रही है दिक्कत? अपनाएं ये 5 स्मार्ट टिप्स
- ITR डेडलाइन 31 जुलाई: ओल्ड या न्यू टैक्स रिजीम? जानें आपके लिए कौन सा है सही
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार