यदि आपने अपना घर किसी भी उद्देश्य से किराए पर दिया है तो आपको भी यहां पर बताए गए नियमों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। अगर कोई किराएदार 20 या 50 साल से किसी प्रॉपर्टी में रह रहा है तो क्या वह उस प्रॉपर्टी का मालिक बन सकता है या नहीं? आपको यहां पर बताएंगे। वैसे तो भारतीय कानून में अभी तक ऐसा कोई नियम नहीं आया है कि यदि कोई किराएदार किसी प्रॉपर्टी में लंबे समय से रह रहा है तो वह उसका मालिक बन जाएगा। फिर भी कई बाद किराएदार प्रॉपर्टी हड़पने के चक्कर में रहते हैं।
आपको बता दें कि यदि कोई व्यक्ति किसी घर में या दुकान में किराएदार के रुप में है तो वह किराएदार ही रहेगा जब तक उस प्रॉपर्टी को खरीद न ले। इसको लेकर कोर्ट की तरफ से नोटिस भी आ चुकी है कि किराएदार हमेशा किराएदार ही रहेगा जब तक उसे उस प्रॉपर्टी का मालिकाना हक नहीं मिल जाता है। आपको बता दें कि ऐसे भी कई केस फाइल हुए हैं जिनमें किराएदार ने प्रॉपर्टी प्राप्त करने के लिए क्लेम किया और वो जीत भी गए। इसकी वजह यह हो सकती है कि मकान मालिक का अपने घर पर सही ढ़ंग से ध्यान न देना।
तो आपको बताते हैं कि कैसे किराएदार आपकी प्रॉपर्टी पर क्लेम नहीं कर सकता है:
यदि आपके पास आपके घर का वैद्य दस्तावेज नहीं है तो कोई भी आसानी से उस पर कब्जा कर सकता है। इसलिए जरुरी है कि हमेशा सारे डॉक्यूमेंट अपडेट करके और बनवा के रखें।
किसी को भी घर किराए पर देने से पहले किराएदार से रेंट एग्रीमेंट भरवाकर रखें। सभी नियमों को अच्छे से किराएदार को समझा दें। यदि किसी भी प्रकार की आशंका हो तो उसका निपटारा पहले ही कर लें। जैसे कि किराया कब बढ़ाया जाएगा और कितना बढ़ाया जाएगा, किराएदार को किराया महीने के किस तरीख को देनी होगी आदि।
जैसे ही आपका रेंट एग्रीमेंट एक्सपायर हो जाता है उसको तुरंत ही रीन्यू कराएं। जो भी टर्म एण्ड कंडीशन हो उसे नए सिरे से लागू करनें और अपडेट कराएं।
अपने किराएदार पर हमेशा नजर बनाकर रखें। जब भी आपको कुछ गड़बड़ लगे तो तुरंत ही मकान खाली करा लेना चाहिए। तो आइए आपको बताते हैं कि किन कारणों से मकान मालिक अपना मकान किराएदार से खाली करा सकता है-
- किराएदार ने 4 या 6 महीने से किराया ना दिया हो।
- जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश किया हो।
- किराएदार ने कोई नया निर्माण कराया हो।
- बिना परमिशन के दूसरे को कब्जा देने पर।
- मकान मालिक के हक से इंकान करने पर।
- मकान का किसी दूसरे उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना।
- जिस काम के लिए घर किराए पर लिया हो और वह काम न कर रहा हो।
- मकान मालिक को मकान के पुर्निमाण की जरुरत हो।
इनमें से कोई भी कारण हो तो आप घर खाली करवा सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्टेट का अपना अलग नियम होता है। बता दें कि हर स्टेट का अपना एक रेंट कण्ट्रोल एक्ट होता है।
सबसे पहले आपके पास एक वैद्य कारण हो।
किराएदार को 1 महीने पहले नोटिस देना होता है। यदि इसके बाद भी किराएदार घर न खाली करे तो आप पुलिस की मदद नहीं ले सकते है आपको सिविल कोर्ट दायर करनी होती है अपील। यहां पर केस करने पर दिए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट अपना फैसला सुनाती है।
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